
Read More- गोविन्द गर्ग
सरकार देश मे निरक्षरता को कम करते हुए लोगो मे शिक्षा का अलख जागाने के लिए कई कारगर कदम उठा रही ताकि देश मे निरक्षरता के ग्राफ को कम करते हुए लोगो को थोड़ा बहुत साक्षर बनाया जा सके….तो वही दूसरी ओर सिस्टम मे बैठे जिम्मेदार लोग कागजो मे निरक्षरता के आंकड़े को कम करते हुए सरकार की मंशा को पूरा करने मे जुटे है ऐसा इसलिए कहा जा सकता है की श्योपुर जिले मे 5 साल निरक्षर लोगो को साक्षर बनाने के लिए नवभारत साक्षरता मिशन के तहत सरकारी स्कूलों मे रविवार को परीक्षाएं आयोजित की गई ओर इन परीक्षाओ मे बड़ा फर्जीवाडा देखने को मिला है…नवभारत साक्षरता परीक्षा मिशन के तहत आयोजित की गई इन परीक्षाओ मे शहर से लेकर गाँव देहात के उन लोगो को शामिल होना था जिन्हे साक्षर बनते हुएअपनी निरक्षरता को खतम करना था लेकिन इस परीक्षा मे अजब गजब खेल दिखा ग्रामीणों इलाको के स्कूलों मे जो लोग परीक्षा केन्द्रो पर साक्षर बनने की परीक्षा देने ही नहीं पहुचे उनके नाम की उत्तर पुस्तिकाये भरी मिली जिन लोगो की परीक्षा दूसरे ने दी उनका साफ तोर पर कहना था की वो परीक्षा देने स्कूल ही नहीं पहुचे तो परीक्षा केसी तो वही अपनी निरक्षर पत्नी को साक्षर बनाने के लिए पति ने पत्नी की परीक्षा दे दी जिसका खुलासा खुद पत्नी ने किया…इसी के साथ स्कूलों मे खुद सरकारी मास्टरो ने परीक्षा देने बैठे लोगो की कॉपी खुद ओर स्कूल के बच्चो से भरवा दी ताकि कैसे भी श्योपुर जिले मे निरक्षरता का ग्राफ कम हो जाए ….