Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 19 और 20 सितंबर को कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक का नेतृत्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे, जिसमें वे प्रदेशभर के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों (SP), संभागायुक्तों (कमिश्नर) और पुलिस महानिरीक्षकों (IG) से सीधे संवाद करेंगे। बैठक में शासन के प्रमुख विभागों के अधिकारी और विभागाध्यक्ष भी उपस्थित रहेंगे।

Madhya Pradesh: नीति निर्धारण को लेकर भी गहन मंथन किया जाएगा
अब तक इस प्रकार की समीक्षा बैठकें वर्चुअल माध्यम से आयोजित होती रही हैं, लेकिन इस बार पहली बार यह बैठक वास्तविक रूप से आमने-सामने होगी। यह बैठक न केवल प्रशासनिक कार्यों की समीक्षा का मंच होगी, बल्कि इसमें प्रदेश के भविष्य के विजन और नीति निर्धारण को लेकर भी गहन मंथन किया जाएगा।
Madhya Pradesh: लागू करने के तरीकों पर विचार किया जाएगा
कॉन्फ्रेंस में शासन की योजनाओं, प्रशासनिक कार्यशैली, दक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही जैसे विषयों पर विशेष चर्चा की जाएगी। साथ ही, सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने, नागरिकों को अधिक सुविधाएं देने और विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के तरीकों पर विचार किया जाएगा।
Madhya Pradesh: अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस मंच के माध्यम से अधिकारियों से सीधे संवाद कर न केवल जमीनी हकीकत को समझेंगे, बल्कि शासन की प्राथमिकताओं को भी स्पष्ट करेंगे। वे जिलों में हो रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
जनता को समय पर सेवाएं मिल सकें
Madhya Pradesh: यह बैठक प्रशासनिक समन्वय को मजबूत करने, अधिकारियों की कार्यकुशलता को बढ़ाने और शासन की योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से लागू करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। साथ ही, इससे यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि विकास कार्यों में गति लाई जा सके और जनता को समय पर सेवाएं मिल सकें।
इस तरह, आगामी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सशक्त एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक अहम कदम साबित हो सकती है।
