Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश कांग्रेस ने 71 शहरी और ग्रामीण जिलों में नए अध्यक्षों की नियुक्ति कर 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस बार पार्टी ने संगठन को मजबूत करने के लिए अनुभवी नेताओं, मौजूदा और पूर्व विधायकों को जिलों की जिम्मेदारी सौंपी है। इन नेताओं में तीन पूर्व मंत्री, छह वर्तमान विधायक और 11 पूर्व विधायक शामिल हैं। राहुल गांधी ने कई वरिष्ठ नेताओं को खुद फोन कर जिला अध्यक्ष बनने के लिए मनाया।

Madhya Pradesh: विधानसभा सीटों पर भी प्रभाव डाल सकें
भाजपा की 2023 चुनावी रणनीति की तर्ज पर कांग्रेस ने भी क्षेत्रीय क्षत्रपों को आगे कर स्थानीय प्रभाव का लाभ उठाने की योजना बनाई है। पार्टी चाहती है कि ये नेता स्थानीय भाषा, संस्कृति और कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़कर संगठन को मजबूत करें। साथ ही आसपास की विधानसभा सीटों पर भी प्रभाव डाल सकें।
Madhya Pradesh: दोगुनी मेहनत करनी होगी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के “मैं महाभारत का अर्जुन हूं, युधिष्ठिर कोई और होगा” वाले बयान से अटकलें तेज हो गई हैं कि पार्टी का सीएम चेहरा कौन होगा। पहली पंक्ति के नेताओं की दावेदारी कमजोर दिख रही है, वहीं दूसरी पंक्ति से उमंग सिंघार और जयवर्धन सिंह जैसे नाम चर्चा में हैं। पटवारी ने जयवर्धन की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें ज्यादा योग्य बताया और कहा कि अब उन्हें दोगुनी मेहनत करनी होगी।
Madhya Pradesh: सिद्धार्थ कुशवाह को सतना ग्रामीण अध्यक्ष बनाया गया है
ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में भाजपा के मजबूत प्रभाव को संतुलित करने के लिए कांग्रेस ने जयवर्धन सिंह को गुना जिले का अध्यक्ष बनाया है। वहीं, उज्जैन के तराना से विधायक महेश परमार को उज्जैन ग्रामीण, डिंडौरी से ओमकार सिंह मरकाम को डिंडौरी जिलाध्यक्ष, रायसेन से देवेंद्र पटेल को रायसेन, बालाघाट से संजय उइके को बालाघाट और सतना से सिद्धार्थ कुशवाह को सतना ग्रामीण अध्यक्ष बनाया गया है।
Madhya Pradesh: भाजपा को चुनौती देने की तैयारी में जुट गई है
पूर्व विधायकों में बैतूल से निलय डागा, बुरहानपुर शहर से रविंद्र महाजन, जबलपुर ग्रामीण से संजय यादव, मंडला से डॉ. अशोक मर्सकोले, नरसिंहपुर से सुनीता पटेल और राजगढ़ से प्रियव्रत सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। इस रणनीति से कांग्रेस प्रदेश में गुटबाजी खत्म कर एकजुट होकर भाजपा को चुनौती देने की तैयारी में जुट गई है।
