Machli Gang Delhi Drug Network : दिल्ली और भोपाल समेत कई राज्यों में सक्रिय बादल मछली गैंग हाल के दिनों में देश का सबसे बड़ा ड्रग सप्लायर बनकर उभरा है। पुलिस के अनुसार, इस गैंग के कर्ता-धर्ता और नेटवर्क ऑपरेशन को पकड़ना बेहद चुनौतीपूर्ण रहा क्योंकि वह पुलिस से बचने के लिए तकनीकी और गुप्त कोड का उपयोग करते थे।
गैंग की संरचना
बादल मछली गैंग, यासीन मछली, शाहवर मछली, शारिक और अन्य कई सदस्यों से मिलकर बना है। पूरे मछली परिवार का नेटवर्क न सिर्फ भोपाल, बल्कि दिल्ली तक फैला हुआ था। इनके खिलाफ दर्ज मुकदमों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई, यौन शोषण, अपहरण, ब्लैकमेलिंग और अवैध अतिक्रमण प्रमुख हैं।
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पुलिस से बचने की रणनीति
गैंग के सदस्य बात करने के लिए विशेष कोड का उपयोग करते थे, जिससे किसी भी राज्य की पुलिस उनके फोन इंटरसेप्ट और चैट को डीकोड नहीं कर पाती थी। हर राज्य में अलग-अलग रणनीति अपनाई जाती, जैसे ट्रांजैक्शन के समय उनकी डीलिंग में नकद रकम या डिजिटल पेमेंट के लिए नई-नई आईडी का इस्तेमाल किया जाता था।
करोड़ों का काला कारोबार
मछली गैंग ने ड्रग्स, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग और अवैध अतिक्रमण से करोड़ों की संपत्ति खड़ी की थी। प्रशासन ने इस परिवार की 22 करोड़ रुपए की आलीशान कोठी और अन्य अवैध निर्माण को बुलडोजर से गिरा दिया।
पुलिस की कार्रवाई
भोपाल से लेकर दिल्ली तक पुलिस और प्रशासन की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। साइबर सेल और नारकोटिक्स विभाग संयुक्त रूप से इस गैंग के नेटवर्क की जांच कर रहे हैं। कई परिवार के सदस्य पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं, और केस से जुड़े अन्य चेहरे और मास्टरमाइंड की तलाश जारी है।
नशे का जाल और सामाजिक खतरा
बादल मछली गैंग का मुख्य फोकस कॉलेज स्टूडेंट्स और युवाओं को नशे के जरिए अपने जाल में फंसाना था। गैंग के सदस्यों द्वारा जिम ट्रेनरों के माध्यम से भी ड्रग्स सप्लाई करवाई जाती थी। जिसमें सफेदपोश लोगों की संलिप्तता भी जांच के दायरे में है।
इस पूरे मामले ने पुलिस प्रशासन की सख्ती और ड्रग नेटवर्क की गंभीरता को उजागर कर दिया है। बादल मछली गैंग के गिरफ़्तार होने और अवैध संपत्ति ज़ब्त होने के बाद पुलिस की जांच जारी है असली मास्टरमाइंड अब भी पर्दे के पीछे छुपा है।
