‘Maa’ Movie Release Today: बॉलीवुड की जानी – मानी एक्ट्रेस काजोल की नई फिल्म ‘मां’ 27 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। फिल्म मातृत्व, पौराणिकता और हॉरर का ऐसा मिश्रण पेश करती है, जिसमें एक मां अपनी बच्ची को राक्षस के चंगुल से बचाने के लिए किसी भी हद तक जाती है।
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चंदरपुर गांव से होती है कहानी की शुरुआत…
फिल्म की कहानी कोलकाता के एक काल्पनिक गांव चंदरपुर से शुरू होती है। मां काली की पूजा के बीच एक महिला प्रसव पीड़ा से गुजर रही होती है। इस परिवार में जन्मी बेटियों को राक्षस ‘दोइत्तो’ के आगे बलि चढ़ाने की परंपरा है। उसी दिन जन्मी बच्ची की भी बलि दे दी जाती है, जबकि उसका जुड़वा भाई शुभांकर (इंद्रनील सेनगुप्ता) इस खूनी रिवाज से दूर शहर में अपनी पत्नी अंबिका (काजोल) और बेटी श्वेता (केरिन शर्मा) के साथ जिंदगी बिता रहा होता है।

गांव लौटती है अंबिका और श्वेता…
12 साल की श्वेता का गांव जाने का मन होता है, लेकिन शुभांकर उसे वहां की परछाई तक से दूर रखना चाहता है। पिता की मौत के बाद शुभांकर अकेले गांव जाता है और वहां सरपंच जयदेव (रोनित रॉय) की मदद से पुराना घर बेचकर सारे रिश्ते खत्म करने की कोशिश करता है। लेकिन दोइत्तो के जाल से वह नहीं बच पाता और जान गंवा बैठता है।

इसके बाद अंबिका और श्वेता को चंदरपुर लौटना पड़ता है। वहां पता चलता है कि गांव की लड़कियां अपने पहले पीरियड के बाद गायब हो रही हैं। मान्यता है कि दोइत्तो उन्हें उठा ले जाता है। जब दोइत्तो की नजर श्वेता पर पड़ती है, तो अंबिका अपनी बेटी को बचाने के लिए हर हद पार कर जाती है।
पौराणिक कथा और रक्तबीज का कनेक्शन…
फिल्म के लेखक सायवन क्वाद्रस ने कहानी को मां काली और रक्तबीज की पौराणिक कथा पर आधारित किया है। रक्तबीज के खून की हर बूंद से एक नया राक्षस पैदा होने की मान्यता को कहानी में खूबसूरती से पिरोया गया है। फिल्म में बेटियों की बलि के बहाने लिंगभेद पर भी सवाल उठाए गए हैं। कोलकाता के काल्पनिक गांव को कहानी का बैकड्रॉप बनाना दिलचस्प फैसला साबित हुआ।

स्क्रीनप्ले और डराने में फिल्म थोड़ी कमजोर…
हालांकि, फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसका स्क्रीनप्ले है। कहानी में हॉरर एलिमेंट होने के बावजूद ज्यादा डर पैदा नहीं होता। कहानी सपाट चलती है और कई जगह चौंकाने वाले पल मिसिंग हैं। विशाल फुरिया पहले भी इसी जॉनर में ‘छोरी’ और ‘छोरी 2’ जैसी फिल्में बना चुके हैं, लेकिन ‘मां’ उन फिल्मों का विस्तार ही लगती है। जंगल के सीन ‘छोरी’ के खेतों वाले सीन की याद दिलाते हैं, लेकिन उतना खौफ पैदा नहीं कर पाते।

कैसे रही एक्टिंग परफॉर्मेंस?
काजोल: प्रोटेक्टिव मां के रोल में काजोल दमदार दिखी हैं। फिल्म उनके कंधों पर टिकी है। उनकी स्क्रीन प्रेजेंस प्रभावित करती है।
रोनित रॉय: सरपंच जयदेव के बहुरूपिया किरदार में रोनित रॉय ने बेहतरीन अभिनय किया है। डायलॉग डिलीवरी और बॉडी लैंग्वेज शानदार है। कई सीन में वह काजोल को भी पीछे छोड़ते नजर आते हैं।
केरिन शर्मा: श्वेता के किरदार में केरिन थोड़ी कमजोर कड़ी साबित होती हैं। उनके एक्सप्रेशन एक जैसे और फीके नजर आते हैं।
विभा रानी और दिव्येंदु भट्टाचार्य: छोटी भूमिकाओं में अच्छा प्रभाव छोड़ते हैं।
कुल मिलाकर कैसी है ‘मां’?
‘मां’ एक मजबूत थीम पर आधारित फिल्म है, जिसमें काजोल का अभिनय और पौराणिक कहानी की झलकियां देखने लायक हैं। लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और डराने वाले पलों की कमी इसे औसत बना देती है। अगर आप हॉरर फिल्मों के शौकीन हैं और काजोल की परफॉर्मेंस देखना चाहते हैं, तो एक बार इस फिल्म को देख सकते हैं।
यूजर्स ने दिए मिले – जुले रिव्यू…
As a mytho-thriller, #MaaTheFilm is impactful in parts, but as a horror film, it doesn’t match up to #Shaitaan’.
Rating – ⭐️⭐️⭐️
There is no real connection between ‘Shaitaan’ and #Maa, except that both films have a demon preying on children; their stories are… pic.twitter.com/EMMwtOEtV1
— Ashwani kumar (@BorntobeAshwani) June 27, 2025
#MaaReview POWERFUL
RATING – ⭐️⭐️⭐️🌟 ( 3.5 ) #Maa is an engaging and intense horror thriller that smartly and powerfully blends mythology, horror, and suspense.The film is packed with unexpected twists and turns. Set in the small town of Chandrapur in West Bengal, the… pic.twitter.com/kPnbavJQ5s
— Sumit Kadel (@SumitkadeI) June 27, 2025
#MaaReview :- Strictly Average
Rating : ⭐ ⭐ ✨ [ 2.5/5 ]@itsKajolD decent Performance & VFX is the only Saving grace for #Maa, Routine Story ,Tiring music 🎶 Ordinary casting ,poor direction wth force horror element .Evokes no GoosebumpWatch it on your own risk@ajaydevgn pic.twitter.com/u75W8JMk0m
— Manoz Kumar (@ManozTalks) June 27, 2025
#MaaReview
Maa: ⭐️⭐️⭐️⭐️
A mother’s fight with dark forces.
scary, emotional, and powerful.#Kajol is amazing, real & fearless.
Great story,strong acting, spooky moments.#Maa is horror with heart.
Must Watch.@itsKajolD @ajaydevgn @ADFFilms @danishdevgn#AjayDevgn pic.twitter.com/uE73lgUrj0— আশিক মৃধা🌹🏳️ (@Ashik222786) June 27, 2025
#OneWordReview…#Maa winer
Rating: ⭐️⭐️ ⭐ ⭐️
A mother’s instinct versus the dark forces – #Maa blends emotions, horror, and mythology seamlessly… #Kajol delivers a knockout act… Watch it! #MaaReview
VFX NY solid #Shaitaan Universe #AjayDevgn director climax super pic.twitter.com/WGkaz3HbWo— Sanju kholwal (@Praveenmee93227) June 27, 2025
