Lucky Fish for Home Aquarium Vastu: भारतीय वास्तु शास्त्र में मछलियों को सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। घर में मछली रखने से न केवल वातावरण में ताजगी आती है, बल्कि यह आर्थिक समृद्धि, मानसिक शांति और स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करती है। एक्वेरियम में तैरती हुई मछलियां घर में जीवंतता और आकर्षण बढ़ाती हैं। लेकिन हर मछली को घर में नहीं रखा जा सकता। वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ विशेष प्रकार की मछलियां ही घर के लिए शुभ मानी जाती हैं। आज हम इस ऑर्टिकल में आपको बताएंगे कि कौन सी मछली रखना सबसे शुभ होता है, एक्वेरियम कहां रखें और इससे जुड़े अन्य जरूरी वास्तु नियम।
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गोल्ड फिश (Goldfish) – सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक…
यह फिश को वास्तु में सबसे शुभ मछली माना गया है। इसका सुनहरा रंग समृद्धि, धन और खुशहाली का प्रतीक है। यह मछली सौम्य स्वभाव की होती है और आसानी से पाली जा सकती है। मान्यता है कि गोल्ड फिश घर में सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है और नकारात्मक शक्तियों को दूर रखती है।

गोल्ड फिश को पालने से परिवार में शांति बनी रहती है और यह तनाव को कम करने में भी सहायक होती है। इसका चंचल और मधुर व्यवहार मानसिक शांति प्रदान करता है।
ब्लैक मोल्ली (Black Molly) – बुरी नजर से रक्षा करने वाली मछली
इस मछली को घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और यह बुरी नजर से बचाव करती है। वास्तु शास्त्र में काले रंग को बुरी शक्तियों को सोखने वाला माना गया है। यदि घर में किसी को बार-बार नजर लगती है या काम में बाधा आती है, तो ब्लैक मोल्ली मछली को एक्वेरियम में रखना लाभकारी होता है।

यह मछली विशेष रूप से बच्चों और गर्भवती महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी शुभ मानी जाती है।
ड्रैगन फिश या एरोवाना (Arowana/Dragon Fish) – धन और वैभव का प्रतीक…
एशियाई वास्तु फेंग शुई में ड्रैगन फिश (Arowana) को बहुत ही शुभ और प्रभावशाली माना जाता है। इसे “वेल्थ फिश” भी कहा जाता है। मान्यता है कि यह मछली घर में पैसों की बारिश कर सकती है। यह मछली दिखने में आकर्षक होती है और इसका रौबिला रूप बुरी शक्तियों को दूर रखने में सहायक होता है।

हालांकि, यह मछली थोड़ी महंगी होती है और बड़े टैंक की आवश्यकता होती है, लेकिन इसे रखने से व्यापार में उन्नति और जीवन में तरक्की देखी जा सकती है।
कोई कार्प फिश (Koi Carp Fish) – दीर्घायु और प्रेम का प्रतीक..
जापान और चीन में कोई कार्प फिश को दीर्घायु, धैर्य और प्रेम का प्रतीक माना जाता है। यह मछली रंग-बिरंगी होती है और एक्वेरियम को खूबसूरत बनाती है। यह परिवार में आपसी प्रेम और सामंजस्य बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।

यदि घर में आपसी रिश्तों में तनाव है, तो कोई कार्प फिश रखना लाभकारी साबित हो सकता है।
एंजेल फिश (Angel Fish) – शुभ समाचार और सौभाग्य का प्रतीक…
एंजेल फिश को स्वर्गदूतों का प्रतीक माना जाता है। यह दिखने में सुंदर और आकर्षक होती है। वास्तु मान्यता के अनुसार, यह मछली घर में शुभ समाचारों के आगमन और खुशियों की वृद्धि करती है। यह मछली शिक्षा, करियर और विवाह से संबंधित बाधाओं को दूर करने में सहायक मानी जाती है।

Lucky Fish for Home Aquarium Vastu: एक्वेरियम से जुड़े वास्तु नियम…
1. वास्तु शास्त्र के अनुसार, एक्वेरियम में 9 मछलियां रखना सबसे शुभ होता है – जिनमें 8 गोल्ड फिश और 1 ब्लैक फिश होनी चाहिए। यह संयोजन समृद्धि और बुरी नजर से सुरक्षा दोनों को संतुलित करता है।
2. एक्वेरियम को पूर्व, उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में रखना शुभ होता है। इसे कभी भी दक्षिण दिशा या रसोईघर, शौचालय के पास नहीं रखना चाहिए।
3. मछलियों के टैंक का पानी हमेशा साफ और शुद्ध होना चाहिए। गंदा पानी नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और परिवार पर इसका बुरा प्रभाव पड़ सकता है।
4. मछलियां जीवित और स्वस्थ रहनी चाहिए। यदि कोई मछली मर जाए तो उसे तुरंत निकालकर बदल देना चाहिए। माना जाता है कि मरी हुई मछली घर के किसी संकट को अपने ऊपर ले लेती है।
5. एक्वेरियम में ऑक्सीजन की व्यवस्था और रोशनी अच्छी होनी चाहिए। यह न केवल मछलियों के लिए जरूरी है, बल्कि वातावरण को भी सकारात्मक बनाता है।
मछली पालने से जुड़े कुछ वैज्ञानिक लाभ..
1. मानसिक शांति: एक्वेरियम को देखने से तनाव कम होता है। रिसर्च में पाया गया है कि पानी में तैरती मछलियाँ देखने से ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
2. बच्चों के लिए लाभकारी: बच्चों को मछली पालने से जिम्मेदारी का एहसास होता है और उनमें करुणा की भावना विकसित होती है।
3. घर की सजावट में वृद्धि: एक्वेरियम घर के इंटीरियर को खूबसूरती और आकर्षण प्रदान करता है।
