Lucky Chaudhary suicide Kota: 20 साल के लकी चौधरी ने अपने पिता से कहा था, “पापा मैं कमजोर नहीं हूं, जो सुसाइड कर लूं।” इतनी हिम्मत और सकारात्मक सोच के बावजूद लकी ने अपने जीवन का अंत कर लिया। उसकी अचानक मौत ने परिवार और दोस्तों को झकझोर दिया है। पिता अब भी विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि उनका बेटा खुदकुशी कर चुका है।
कोटा में रहकर तैयारी
लकी चौधरी दिल्ली का रहने वाला था। वह नीट की तैयारी के लिए कोटा में कोचिंग कर रहा था और विज्ञान नगर इलाके में पीजी में रह रहा था। उसका परिवार हमेशा उसे पढ़ाई में अच्छा करने के लिए प्रेरित करता रहा। हालांकि वह अपने दोस्तों और परिवार के बीच मिलनसार और पॉजिटिव सोच वाला लड़का माना जाता था।

मोबाइल, पर्स और बैग गायब!
लकी अपने कमरे में पंखे से फंदा लगाकर मृत पाया गया। दिल्ली से उसके पिता शव लेने आए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, कमरे से उसके मोबाइल, पर्स और बैग गायब थे। यह बात और अधिक सवाल खड़े कर रही है कि घटना से पहले क्या हुआ था।
Lucky Chaudhary suicide Kota: दोस्त से पैसे लिए उधार
लकी ने अपने दोस्त से पैसे उधार लेने की बात कही थी, जिससे लगता है कि वह किसी परेशानी में था। साथ ही यह भी पता चला कि उसकी गर्लफ्रेंड भी उसी शहर में पढ़ाई करती थी। वह शराब भी पीता था।
कुछ दिनों पहले लकी और उसके दोस्त राहुल के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। माना जा रहा है कि यह झगड़ा लकी की मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। पीजी में पास वाले कमरे में रहने वाला लड़का फिलहाल फरार है।

आत्महत्या से बचाव के उपाय
- संवाद बनाए रखें: अपने बच्चों या दोस्तों के साथ खुलकर बात करें।
- मानसिक स्वास्थ्य की जानकारी दें: युवाओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में बताएं।
- समस्याओं का समाधान मिलकर करें: छोटी-छोटी परेशानियों को नजरअंदाज न करें।
- जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लें: साइकोलॉजिस्ट या काउंसलर से संपर्क करना आसान और सुरक्षित तरीका है।
