21st Ramadan Procession Lucknow: आज 21वां रमजान है। उत्तरप्रदेश की राजधानी लखनऊ में जुलूस निकाला गया। नम आंखों के साथ शिया समुदाय के लोगों ने हजरत अली के ताबूत की जियारत की। जुलूस नजफ इमामबाड़ा, सआदतगंज से शुरू हुआ और कर्बला, तालकटोरा पर खत्म हुआ। इस दौरान हैदरगंज में परंपरा के मुताबिक कुएं के पास कुछ देर के लिए ताबूत को रोका फिर उस पर काली चादर चढ़ाई गई। करीब 6 किलोमीटर लंबे जुलूस इस में लगभग 50 हजार लोग शामिल हुए। जुलूस सुबह 5 बजे निकला और 11:30 बजे खत्म हुआ।

ट्रम्प की तस्वीरें सड़क पर चिपकाई
ईरान-इजराइल जंग के विरोध में जुलूस में सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीरें सड़क पर चिपकाई गईं। जुलूस में शामिल अकीदतमंद ‘या अली मौला’ और ‘हैदर मौला’ के नारे लगाते हुए इन पोस्टरों को पैरों से रौंदते हुए गुजरे। नंगे पांव और काले कपड़े पहने पुरुष, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चों में ताबूत को छूने और चूमने की होड़ मच गई।

21वां रमजान
शिया समुदाय का मानना है कि 19वीं रमजान को हजरत अली जब नमाज के लिए मस्जिद गए तो उनपर तलवार से हमला हुआ था। इसके बाद 21वें रमजान को हजरत अली की मौत हो गई। उसी घटना को याद करते हुए ये मातमी जुलूस निकाला जाता है।
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21st Ramadan Procession Lucknow: अलर्ट पर पुलिस
जुलूस में बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन और अलर्ट मोड पर रहा। DCP से स्थिति की जानकारी ली। पुलिस अफसरों को आवश्यक निर्देश दिया। जगह-जगह RAF की महिला टुकड़ी की भी तैनाती की गई। जुलूस में महिला-पुरूष और बच्चे ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर लेकर चल रहे हैं।
