lpg tanker blast punjab hoshiarpur: पंजाब हादसे ने उजागर की गैस माफिया की काली हकीकत
एक चिंगारी, और लपटों में बदल गईं ज़िंदगियाँ
पंजाब के होशियारपुर में शुक्रवार रात जो हुआ, वो सिर्फ एक हादसा नहीं था वो एक जिंदा साजिश थी। एक LPG टैंकर में हुआ धमाका सिर्फ आग का गोला नहीं था, उसने कई जिंदगियों को राख कर दिया और बुरी तरह से झुलसा दिया मंडियाला गांव की मासूम जनता को। चार लोगों की मौत, 30 से ज्यादा झुलसे। कई दुकानें, घर, यादें और उम्मीदें आग की लपटों में तबाह हो गईं।
जब टकराया ट्रॉला और फटा गैस टैंकर
रात करीब 10 बजे, एक सब्जियों से भरी पिकअप गाड़ी अनजाने में LPG टैंकर से जा टकराई। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि टैंकर में लगी गैस नोज़लें टूट गईं और तेज़ रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही सेकंड में टैंकर में बम जैसा धमाका हुआ। जिसकी गूंज गांव के कोने-कोने में सुनाई दी।
एक स्थानीय निवासी गुरमुख सिंह कहते हैं:
धमाका इतना ज़ोरदार था कि लगा जैसे कोई बम फट गया हो। हम कुछ समझ पाते उससे पहले ही लपटों ने हमें घेर लिया। मेरा पूरा परिवार 6 लोग झुलस गए।
मौत की आग में राख हुए घर, दुकानें और सपने
आग इतनी भयावह थी कि 15 दुकानें और 4 घर पलभर में जलकर खाक हो गए। कुछ की छतें उड़ गईं, टंकियां फट गईं, और सड़क पर पड़ा हर सामान, इंसानी अस्तित्व की तरह, जल कर मिट गया। गांव की महिलाओं, बच्चों और बुज़ुर्गों को सिविल अस्पताल और प्राइवेट क्लीनिक में भर्ती किया गया। घायलों की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है।
lpg tanker blast punjab hoshiarpur: हादसे के पीछे का काला सच: कालाबाज़ारी?
घायल गुरबख्श सिंह का बयान हिला देने वाला है
ये टैंकर यहां गैस की अवैध कालाबाजारी के लिए आया था। यहां आसपास के इलाके में गैरकानूनी तरीके से गैस भरी जाती है। ये हादसा कोई दुर्घटना नहीं, सिस्टम की लापरवाही और लालच का नतीजा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि ये टैंकर फैक्ट्री या कंपनी का नहीं था, बल्कि गैस की गैरकानूनी रीफिलिंग के धंधे में लिप्त लोगों का था।
14 घंटे बंद रहा नेशनल हाईवे, धरना और आक्रोश
हादसे के बाद होशियारपुर-जालंधर नेशनल हाईवे पूरी तरह बंद कर दिया गया। स्थानीय लोगों ने धरना शुरू कर दिया उनका गुस्सा जायज़ था। SDM के आश्वासन और मुख्यमंत्री के मुआवजे की घोषणा के बाद ही जाम हट सका।

2-2 लाख की मदद, लेकिन क्या जिंदगियां लौटेंगी?
CM भगवंत मान ने मृतकों के परिवार को ₹2 लाख का मुआवजा देने और घायलों के इलाज की पूरी ज़िम्मेदारी लेने का ऐलान किया है।लेकिन सच ये है कि जो माताएं जल गईं, जो बच्चे अस्पताल में तड़प रहे हैं, उनके दर्द की कोई कीमत नहीं लग सकती।

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