loksabha 2024 party election expense report: लोकसभा चुनाव 2024 में जानिए किस पार्टी ने कहां उड़ाए चुनावी पैसे!🗳️
loksabha 2024 party election expense report :एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा चुनाव 2024 और साथ में हुए विधानसभा चुनावों में राजनीतिक दलों ने कुल ₹3,352.81 करोड़ खर्च किए। इसमें अकेले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ₹1,494 करोड़ खर्च किए, जो कुल खर्च का 44.56% है।
दूसरे स्थान पर रही कांग्रेस, जिसने ₹620 करोड़ खर्च किए। इस रिपोर्ट में कुल 32 राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दलों के खर्चों का विश्लेषण किया गया है।
📊 चुनावी खर्च का विश्लेषण
| श्रेणी | खर्च (₹ करोड़) | प्रतिशत (%) |
|---|---|---|
| भाजपा | 1,494 | 44.56% |
| कांग्रेस | 620 | 18.5% |
| अन्य राष्ट्रीय दल | 90 (अनुमानित) | ~3% |
| क्षेत्रीय दल | ~1,150 | ~34% |
| कुल | 3,352.81 | 100% |
📢 प्रचार पर सबसे ज्यादा खर्च
चुनाव प्रचार में सभी दलों ने मिलकर ₹2,008 करोड़ खर्च किए, जो कुल खर्च का 53% से अधिक है।
इसके बाद दूसरे नंबर पर यात्रा खर्च रहा जिसमें कुल ₹795 करोड़ खर्च किए गए। खास बात यह रही कि इनमें से ₹765 करोड़ केवल स्टार प्रचारकों की यात्रा पर खर्च हुए, जबकि आम कार्यकर्ताओं पर मात्र ₹30 करोड़।
📌 ADR रिपोर्ट के 4 प्रमुख बिंदु
- 93.08% फंड राष्ट्रीय दलों के पास गया, जबकि क्षेत्रीय दलों को केवल 6.92% फंड मिला।
- ₹402 करोड़ की राशि उम्मीदवारों को नकद या एकमुश्त रूप में दी गई।
- डिजिटल प्रचार पर कुल ₹132 करोड़ खर्च हुए।
- आपराधिक रिकॉर्ड प्रकाशित करने में ₹28 करोड़ खर्च हुए।
⏳ रिपोर्ट देने में देरी
- चुनाव आयोग को हर पार्टी को 90 दिन में खर्च का ब्यौरा देना होता है।
- AAP ने अपनी रिपोर्ट 168 दिन बाद जमा की।
- BJP ने 139-154 दिन की देरी की।
- कांग्रेस ही ऐसी पार्टी थी जिसने समय पर रिपोर्ट जमा की।
❌ कुछ पार्टियों की रिपोर्ट अब भी लापता
ADR ने चिंता जताई कि NCP, CPI, JMM, और शिवसेना (UBT) जैसी कई पार्टियों की रिपोर्ट अब तक चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड नहीं हुई है।
कुछ दल जैसे PDP और केरल कांग्रेस (M) ने शून्य खर्च दिखाया, जबकि उन्होंने चुनाव लड़ा।
🚨 690 पार्टियों की खर्च जानकारी नहीं
रिपोर्ट में बताया गया कि 690 गैर-पहचानी पार्टियों ने लोकसभा चुनाव में हिस्सा लिया था, लेकिन उनकी खर्च की जानकारी रिपोर्ट में शामिल नहीं है। इससे चुनावी पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं।
📉 2024 के नतीजे क्या रहे?
- NDA को 292 सीटें मिलीं, लेकिन BJP खुद बहुमत से दूर रही (272 सीटों से कम)।
- I.N.D.I.A गठबंधन को 233 सीटें मिलीं।
📝 लोकतंत्र में धन का प्रभाव
2024 के चुनाव केवल वोटों की लड़ाई नहीं थे, बल्कि पैसों की भी जंग थी। जहां भाजपा ने सबसे ज्यादा पैसा लगाया, वहीं कांग्रेस ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। चुनावी खर्च में पारदर्शिता और समय पर रिपोर्टिंग की भारी कमी साफ दिखी। ADR की रिपोर्ट एक बार फिर बताती है कि भारतीय लोकतंत्र में धन का प्रभाव किस कदर हावी है।
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