Liver Failure Warning Signs: लिवर (यकृत) हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो 500 से भी ज्यादा कार्यों में अहम भूमिका निभाता है। यह शरीर का मेटाबॉलिज्म मैनेज करता है, हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है, पोषण तत्वों को संचित करता है और पाचन में भी मदद करता है। लेकिन खराब लाइफस्टाइल, असंतुलित खानपान और एल्कोहल जैसी आदतें इस अंग को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाती हैं। समस्या तब शुरू होती है जब लिवर खराब होने के शुरुआती लक्षण नजरअंदाज कर दिए जाते हैं। शुरुआत में ये संकेत बेहद सामान्य लग सकते हैं, लेकिन इन्हें गंभीरता से लेना जरूरी होता है।
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लिवर खराब होने के शुरुआती लक्षण…
थकान और कमजोरी
बिना किसी मेहनत के बार-बार थकान महसूस होना या सामान्य काम करने में भी ऊर्जा की कमी लगना, लिवर की समस्या का पहला संकेत हो सकता है।
भूख न लगना
अगर आपको अचानक खाना खाने में रुचि कम होने लगी है या भूख नहीं लग रही है, तो ये लिवर की गड़बड़ी का इशारा हो सकता है।
पेट में दर्द या भारीपन
विशेष रूप से पेट के दाईं तरफ ऊपर की ओर दर्द रहना, सूजन या असहजता लिवर में सूजन या फैटी लिवर की ओर इशारा कर सकता है।
शरीर में सूजन (Edema)
पैरों या एंकल्स में सूजन आना लिवर के सही ढंग से काम न करने का संकेत हो सकता है।
त्वचा और आंखों का पीला पड़ना (Jaundice)
जब लिवर बिलीरुबिन को प्रोसेस नहीं कर पाता तो आंखों की सफेदी और त्वचा पीली दिखने लगती है। यह लिवर की समस्या का क्लियर संकेत है।
गहरे रंग का पेशाब
डिहाइड्रेशन के अलावा अगर लगातार यूरीन का रंग गाढ़ा है, तो यह लिवर फंक्शन की खराबी की निशानी हो सकती है।
पेट में गैस और एसिडिटी
लिवर के ठीक से काम न करने पर पाचन प्रभावित होता है, जिससे गैस, एसिडिटी, और डायरिया जैसी समस्याएं शुरू होती हैं।

इन लक्षणों को नजरअंदाज करने पर क्या हो सकता है?
दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में गैस्ट्रोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. अनिल अरोड़ा बताते हैं कि अगर इन शुरुआती लक्षणों को समय पर नहीं पहचाना गया और इलाज शुरू नहीं किया गया, तो स्थिति गंभीर हो सकती है।
1. फैटी लिवर
शुरुआत में लिवर पर फैट जमा होने लगता है जिसे नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर कहा जाता है। अगर इसे नहीं रोका गया तो यह स्टीटोहेपेटाइटिस में बदल सकता है।
2. लिवर सिरोसिस
लगातार लिवर पर फैट जमा रहने से लिवर की कोशिकाएं डैमेज होने लगती हैं और उनका फाइब्रोसिस (स्कारिंग) शुरू हो जाता है। यही लिवर सिरोसिस कहलाता है।
3. लिवर फेलियर
लिवर अगर 80-90% तक डैमेज हो गया हो, तो वह शरीर के लिए जरूरी काम नहीं कर पाता और लिवर फेलियर की स्थिति आ जाती है।
4. लिवर कैंसर
लंबे समय तक फैटी लिवर या सिरोसिस को नजरअंदाज करने से लिवर कैंसर की आशंका भी बन जाती है।

लिवर को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
1. शराब से दूरी बनाए रखें
शराब लिवर के लिए सबसे खतरनाक होती है। इसे पूरी तरह से त्यागना सबसे अच्छा उपाय है।
2. वसा और तेलयुक्त खाना कम करें
डीप फ्राई और ऑयली फूड से बचें। ट्रांस फैट्स और हाई फ्रुक्टोज युक्त फूड लिवर पर फैट जमा करते हैं।
3. वजन नियंत्रित रखें
मोटापा लिवर में फैट जमा होने का सबसे बड़ा कारण है। शरीर का वजन कंट्रोल में रखना लिवर की सेहत के लिए जरूरी है।
4. नियमित व्यायाम करें
रोजाना 30 मिनट का व्यायाम लिवर फैट को कम करता है और मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाता है।
5. हाइड्रेशन का ध्यान रखें
दिन में कम से कम 2-3 लीटर पानी पिएं। यह शरीर से विषैले पदार्थ निकालने में मदद करता है।
6. लिवर-फ्रेंडली डाइट लें
हरी सब्जियां, बीटरूट, नींबू, हल्दी, लहसुन, और अखरोट जैसे फूड्स लिवर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं।
7. रेगुलर हेल्थ चेकअप कराएं
विशेष रूप से अगर आपको कोई लक्षण महसूस हो रहे हैं या आप रिस्क ग्रुप (मोटापा, शराब सेवन, डायबिटीज) में आते हैं तो लिवर फंक्शन टेस्ट कराना जरूरी है।
