Lion Death: गुजरात के गिर गढ़डा तालुका के नगड़िया गांव में एक किसान द्वारा खेत में लगाए गए बिजली के तारों की चपेट में आकर एक जंगली शेर की मौत हो गई। मूंगफली की फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए ये बिजली के तार जानलेवा साबित हुए। घटना के बाद, शेर के शव को छिपाने के उद्देश्य से, आरोपी किसान और उसके साथी ने उसे ट्रैक्टर की ट्रॉली में डालकर करीब 10 किलोमीटर दूर महोबतपरा गांव की रावल नदी में फेंक दिया।

Lion Death: शव को यहां जानबूझकर लाया गया था
वन विभाग को रावल नदी के पुल के नीचे shallow पानी में शेर का शव मिलने की सूचना मिली, जिसके बाद जशाधार के क्षेत्रीय वन अधिकारी एल. बी. भरवाड़ और उनकी टीम मौके पर पहुंची। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि शेर की मौत डूबने से नहीं बल्कि बिजली के करंट से हुई थी। मौके से ट्रैक्टर के पहियों के निशान, शेर के मुंह से निकला खून और शव पर ढकी घास-चारे की परत यह साबित करने के लिए काफी थी कि शव को यहां जानबूझकर लाया गया था।
Lion Death: सीसीटीवी फुटेज में रात 1:45 बजे देखा गया
जांच में पता चला कि नगड़िया गांव के किसान मुकेश बलदानिया और उसके सहयोगी कमलेश कलसरिया ने खेत में बिजली के तार लगाए थे। जब शेर खेत में घुसा, तो करंट लगने से उसकी मौत हो गई। आरोपियों ने इस घटना को छिपाने के लिए शव को ट्रैक्टर में डालकर रात के करीब 2 बजे नदी में फेंक दिया। घटना से पहले ट्रैक्टर को धोकड़वा गांव के सीसीटीवी फुटेज में रात 1:45 बजे देखा गया था।
Lion Death: शव ट्रॉली में अकेले रखना संभव नहीं था
वन विभाग ने 35 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद आरोपियों की पहचान की और दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। एफएसएल रिपोर्ट से मौत का स्पष्ट कारण सामने आएगा। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस वारदात में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं, क्योंकि शेर का शव ट्रॉली में अकेले रखना संभव नहीं था।
Lion Death: संभावित सहयोगियों की तलाश जारी है
वन विभाग ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फिलहाल इस मामले की गहन जांच जारी है। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और अन्य संभावित सहयोगियों की तलाश जारी है।
विशाल चौहान की रिपोर्ट
