पोकलेन-जेसीबी से रैंप बना रही NDRF

CHHINDWARA WELL COLLAPSED: छिंदवाड़ा में कुआं धंसने से मलबे में दबे तीन मजदूरों को हादसे के करीब 19 घंटे से भी ज्यादा बाद भी नहीं निकाला जा सका है। भोपाल से पहुंची एनडीआरएफ की टीम रेस्क्यू में जुटी है। पोकलेन और 2 जेसीबी की मदद से कुएं में सामने गड्ढा खोदकर रैंप बनाया जा रहा है।
CHHINDWARA WELL COLLAPSED: कुएं में फंसे 3 मजदूर

अधिकारियों के मुताबिक, मजदूरों को निकालने के लिए पोकलेन मशीन से 35 फीट खुदाई की जा चुकी है। करीब 7 फीट की खुदाई के बाद रेस्क्यू टीम मजदूरों तक पहुंच जाएगी।कलेक्टर शीलेंद्र सिंह और एसपी अजय पांडे समेत तमाम प्रशासनिक अमला मौके पर मौजूद है। डॉक्टरों की टीम और एंबुलेंस भी तैनात है।
CHHINDWARA WELL COLLAPSED: मलबा निकालते वक्त हुआ हादसा
खुनाझिर खुर्द गांव में एक पुराने कुएं को गहरा कर मरम्मत किया जाना था. इसी के चलते खुदाई कर कुएं को गहरा किया जा रहा था और मलबे को बाहर निकालकर फेंका जा रहा है. इस काम को करने के लिए 6 मजदूर लगाए गए थे. इनमें से 3 मजदूर कुएं में नीचे उतरकर गहरीकरण का काम कर रहे थे. वहीं मलबा निकलने के दौरान कुआं आचानक से धंसने लगा. जब तक मजदूर कुएं से बाहर निकल पाते, तब तक कुआं भरभरा कर धंस गया. जिससे की तीनों मजदूर मलबे में दब गए. जो मजदूर दबे हैं, उनके नाम राशिद, वासिद और सहजादी है.
CHHINDWARA WELL COLLAPSED: ब्लास्टिंग के कारण कमजोर हो गया था कुआ
ग्रामीण ने बताया कि कुआं काफी पुराना था. खेतों में सिंचाई के लिए पानी कम पड़ने की वजह से ब्लास्टिंग कर उसे गहरा किया जा रहा था. उसी मलबे को निकालने का काम मजदूर कर रहे थे, लेकिन कुआं पुराना और कच्चा बना होने की वजह से ब्लास्टिंग के कारण और भी कमजोर हो गया था. मजदूर मशीन की सहायता से मलबा खाली कर रहे थे, इसी दौरान हादसा हो गया.
