leopard death narsinghpur: नरसिंहपुर जिले के करेली वन परिक्षेत्र के ग्वारीकला गांव में एक दर्दनाक घटना ने वन्यजीव संरक्षण को शर्मसार कर दिया है। यहां एक तेंदुआ लोहे के क्लच वायर से बने फंदे में फंस कर घंटों तक तड़पता रहा और अंततः उसकी मौत हो गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
leopard death narsinghpur: खुला तेंदुए के दर्दनाक शिकार का सच
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तेंदुआ क्लच वायर के फंदे में फंसा हुआ, छटपटाता हुआ दिख रहा है। स्थानीय लोग कहते हैं कि अगर वन विभाग की टीम समय पर वहां पहुंचती, तो इस खूंखार शिकारी की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन वन विभाग को इस बात की भनक तक नहीं लगी, जिससे कई घंटों तक तेंदुआ जूझता रहा।
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leopard death narsinghpur: कैसे हुआ तेंदुए का शिकार?
वन विभाग की जांच में पता चला कि आरोपियों ने 1 जनवरी की रात वन क्षेत्र में जंगली सूअरों के लिए फंदा लगाया था। 2 जनवरी की रात तेंदुआ उसी फंदे में फंस गया। 3 जनवरी की सुबह तक तेंदुआ दर्दनाक मौत को गले लगा चुका था। लगभग 24 घंटे तक वह जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा।
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वन विभाग की कार्रवाई
जांच के लिए डॉग स्क्वायड की मदद ली गई। खापा गांव में आरोपियों के घरों पर छापेमारी कर बड़े पैमाने पर क्लच वायर, लोहे के जाल और अन्य शिकार उपकरण बरामद किए गए।
शिकारियों का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने माना कि वे लंबे समय से जंगली सूअरों को पकड़ने के लिए ऐसे फंदे लगाते रहे हैं। वन विभाग यह भी जांच रहा है कि क्या तेंदुआ जानबूझकर निशाना बनाया गया या वह सूअरों के फंदे में फंसा। क्लच वायर के फंदे को बड़े जानवरों के शिकार के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जो बेहद खतरनाक है।
चार आरोपी गिरफ्तार
एसडीओ सुनील वर्मा ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर रामभवन, भवानी, दुगरप्रसाद, नारायण और मदन ठाकुर के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा चुका है, जबकि मदन ठाकुर अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है।
