Leopard attack in Pauri: उत्तराखंड़ के पौड़ी जिले के चौबट्टाखाल विधानसभा के पोखड़ा ब्लॉक अंतर्गत कोलागाड़ क्षेत्र के ग्राम भतकोट में 4 वर्ष की मासूम बच्ची का तेंदुए का शिकार बन गई। यह घटना न सिर्फ दिल दहला देने वाली है, बल्कि उस सच्चाई को भी उजागर करती है, जिसे लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है।

तेंदुए का शिकार
स्थानीय लोगों के अनुसार, पोखड़ा ब्लॉक में पिछले 1 साल के भीतर 4 से 5 ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जहां मासूमों और ग्रामीणों को तेंदुए ने अपना शिकार बनाया। इसके बावजूद न तो वन विभाग की ओर से कोई ठोस रणनीति बनाई गई और न ही प्रशासन ने प्रभावी निगरानी या सुरक्षा उपायों को लागू करने की गंभीरता दिखाई।
Leopard attack in Pauri: ग्रामीणों में आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। दिनदहाड़े गांवों के आसपास उसकी मौजूदगी देखी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद न गश्त बढ़ाई गई, न ही पिंजरे लगाने या चेतावनी तंत्र को मजबूत करने जैसे कदम उठाए गए। ऐसे में लोगों में डर और आक्रोश दोनों बढ़ते जा रहे हैं।

मुआवजे की मांग
सबसे ज्यादा सवाल जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर खड़े हो रहे हैं। हर बार की तरह इस बार भी घटना के बाद नेता मौके पर पहुंचे—संवेदना व्यक्त की, मुआवजे की घोषणा की और फिर मामला ठंडे बस्ते में चला गया। अगर यही सक्रियता पहले दिखाई जाती, तो शायद एक मासूम की जान बचाई जा सकती थी।
भगवान सिंह की रिपोर्ट
