lawrence bishnoi gang split : गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का नेटवर्क टूटा
lawrence bishnoi gang split : देश-दुनिया में खौफ का दूसरा नाम बन चुके लॉरेंस बिश्नोई गैंग में अब बड़ी फूट सामने आई है। कनाडा से ऑपरेट कर रहे कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और उसका करीबी रोहित गोदारा अब लॉरेंस से अलग हो गए हैं। ये वही गैंगस्टर्स हैं जिन्होंने सलमान खान के घर फायरिंग, सिद्धू मूसेवाला की हत्या, और बाबा सिद्दीकी जैसे हाई-प्रोफाइल केसों को अंजाम दिया था।
अब, दोनों लॉरेंस से अलग होकर एक नया स्वतंत्र गैंग चला रहे हैं, और खुद अपने नाम से अपराधों की जिम्मेदारी ले रहे हैं।
🔍 क्यों टूटा लॉरेंस गैंग?
पुलिस सूत्रों और लॉरेंस नेटवर्क से जुड़े लोगों के अनुसार, फूट की वजह विचारधारा का टकराव है। लॉरेंस खुद को एक हिंदू गैंगस्टर के रूप में पेश करता है, जबकि गोल्डी बराड़ के खालिस्तानी आतंकी संगठनों से संबंध हैं। यह विचारधारात्मक टकराव धीरे-धीरे गैंग के दो हिस्सों में बंटने की वजह बना।
⚖️ लॉरेंस का धड़ा:
- लॉरेंस बिश्नोई (साबरमती जेल, गुजरात)
- अनमोल बिश्नोई (उसका भाई, सोशल मीडिया पर एक्टिव)
🔫 नया धड़ा:
- गोल्डी बराड़ (कनाडा)
- रोहित गोदारा (इंटरनेशनल शूटर, कनाडा से एक्टिव)
🧨 अलगाव के दो पक्के संकेत
1️⃣ मिसिसॉगा मर्डर केस में लॉरेंस का नाम नहीं
14 मई 2025 को कनाडा के मिसिसॉगा शहर में हरजीत सिंह धड्डा, एक ट्रकिंग कंपनी चलाने वाले कारोबारी, को दिनदहाड़े गोली मार दी गई। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी गोल्डी और गोदारा ने खुद ली – पहली बार लॉरेंस बिश्नोई का नाम नहीं लिया गया।
धड्डा को पहले फिरौती के कॉल्स आ चुके थे। यह वारदात केवल आर्थिक नहीं, सत्ता प्रदर्शन भी थी।
2️⃣ पंचकूला हत्याकांड में सिर्फ अनमोल का जिक्र
हरियाणा के पंचकूला में पहलवान सोनू नोल्टा की हत्या एक और अहम संकेत थी। इस केस में भी लॉरेंस नहीं, बल्कि अनमोल बिश्नोई को मास्टरमाइंड बताया गया। यानी लॉरेंस गुट अब अनमोल को अपने नए लीडर की तरह प्रमोट कर रहा है।
🌐 अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और टारगेट किलिंग
गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा केवल भारत में ही नहीं, बल्कि कनाडा, अमेरिका, UK और यूरोप में भी टारगेट किलिंग करवा चुके हैं। इनका सबसे बड़ा शिकार रहा सुक्खा दुनिके, जो खालिस्तानी आतंकी अर्श डल्ला का करीबी था।
यह दोनों गैंगस्टर वर्चस्व की लड़ाई में न सिर्फ शामिल हैं, बल्कि अब अपनी खुद की पहचान गढ़ रहे हैं।
💣 सलमान खान केस भी एक बड़ी कड़ी
2024 में मुंबई में सलमान खान के घर पर फायरिंग हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ के गुट ने ली थी। अब माना जा रहा है कि वह हमला लॉरेंस के नेटवर्क के माध्यम से नहीं, बल्कि गोल्डी और गोदारा की स्वतंत्र प्लानिंग थी।
🔥 क्या अब दो गैंग आपस में भिड़ेंगे?
फिलहाल दोनों गैंग किसी सीधी भिड़ंत में नहीं हैं। न ही सोशल मीडिया या मीडिया के जरिए एक-दूसरे को धमकियाँ दी जा रही हैं। लेकिन बिना लॉरेंस की अनुमति के वारदातें करवाना, सामने से चुनौती देने जैसा है।
🛡️ पुलिस अलर्ट
पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और महाराष्ट्र की पुलिस दोनों गुटों पर सक्रिय निगरानी रख रही है। अब जांच एजेंसियां दोनों धड़ों की गतिविधियों को अलग-अलग ट्रैक कर रही हैं।
📌 अपराध की दुनिया में नया मोड़
लॉरेंस बिश्नोई गैंग की फूट सिर्फ एक गैंगवार नहीं है, यह अंतरराष्ट्रीय अपराध तंत्र के बदलते समीकरणों की ओर इशारा करता है। गोल्डी और गोदारा अब खुद को एक नया अपराध सिंडिकेट बनाने की राह पर हैं, और भारत की सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह बड़ा अलार्म है।
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