Reporter:- सत्यनारायण बैरागी
गांधी सागर बांध एरिया में दूषित जल से मर रहे जल प्राणी बदबू से लोगों को हो रही परेशानी तेज बदबू से हो रहे सर दर्द। चंबल नदी में इन दोनों आ रहे केमिकल के कारण उससे केमिकल की बदबू से ग्रामवासी बहुत ही परेशान हो रहे हैं वही उसे पानी के पीने के कारण कई जानवर बीमार हो रहे है ग्राम पंचायत अंतरालिया व रायपुरिया के ग्राम वासियों से बात पर उन्होंने बताया है दो चार दिन से यह केमिकल हमारे ग्राम के समीप चंबल से लगी हुई छोटी-छोटी नदिया के द्वारा हमारे ग्राम के चारों तरफ यह केमिकल फैल चुका है जिस जानवर इसका पानी पीने से बीमार हो रहे हैं इसकी बदबू से आसपास के ग्राम वासियों को सांस लेने में भी दिक्कत हो रही है इधर ग्राम वासियों का कहना है इस बदबू के कारण सर दर्द की भी परेशानी हो रही है फोन लगाते तो अधिकारी फोन नहीं उठाते हैं। जन लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी अधिकारी प्रशांत जी सोनी से जब इस केमिकल के बारे में फोन के माध्यम से चर्चा हुई तो उन्होंने बताया दो से तीन दिन पहले अधिकारी का मैसेज आने पर हम वहां गए थे तो वहां पर किनारे का पानी पूरी तरह केमिकल युक्त हो चुका था वहीं पास में लगे दो हेड पंप वह कुएं का पानी पूरा हरा हो चुका था जिसके सैंपल लेकर जिला प्रयोगशाला में भेजा गया तो वहां की रिपोर्ट में नाइट्रेट की मात्रा बहुत अधिक आने पर तुरंत दोनों हेड पंप वह कुएं के पानी का उपयोग ग्राम वासियों से बंद करवा दिया गया है कुएं में लगी हुई मोटर को निकाल दिया गया है तथा ग्राम वासियों को समझाइए दी गई है कि इन पानी का उपयोग न करें। अनुविभागीय अधिकारी गरोठ से चर्चा पर उन्होंने बताया है केमिकल युक्त पानी के उपयोग न करने के आदेश ग्राम पंचायत को दे दिए गए हैं वह केमिकल के प्रभाव को कम करने के लिए चुना का उपयोग भी पानी में डालने के लिए किया जा रहा है ग्राम पंचायत से जानकारी समय-समय पर ली जा रही है। केमिकल के मामले में हो रहे दूषित पानी के लिए प्रतिवेदन बनाकर उच्च अधिकारी को भेजवा दिया हैं वही गांधी सागर बंध अधिकारी आर डी महाजन से फोन 9479692****के माध्यम से चर्चा करनी चाहिए तो उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। यह केमिकल युक्त पानी की समस्या पिछले कई वर्षों से बरसात के कारण बहके आ रहे केमिकल की वजह से गांव वासियों को झेलनी पड़ती है पर इस केमिकल को अभी तक पानी न डालने के आदेश बाहर की फैक्ट्री को नहीं दिए गए हैं निरंतर कई वर्षों से बरसात के मौसम में यह केमिकल चंबल नदी के आसपास के ग्राम वासियों तक पहुंची जाता है जल्द ही अगर केमिकल के पानी का निराकरण नहीं किया गया तो गांव वासियों में बीमारी फैलने की आशका भी बनी हुई है
