Reporter: sanjay sharma
Gwalior की एमिटी यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले बीफार्मा के छात्र आदित्य सिंह राजपूत की डेंगू से मौत के बाद यूनिवर्सिटी में हंगामा हो गया। ये हंगामा यूनिवर्सिटी के छात्रों ने किया है, छात्र इसलिए गुस्से में है, इनके साथ पढ़ने वाला आदित्य सिंह को प्रबंधन ने मेडिकल लिव नही दी। वही अब गुस्साएं छात्र विभाग के एचओडी पर कार्रवाई की मांग कर रहे है, तो वही यूनिवर्सिटी प्रबंधन कह रहा है,छात्रों के आरोप गलत है। अमेठी यूनिवर्सिटी में पढ़ने बाला बी फार्मा का छात्र आदित्य सिंह की मौत के बाद अब यहां पर यूनिवर्सिटी की तानाशाह रवैया को लेकर सभी छात्र विरोध में उतर आए हैं, और यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर रहे है। दरअसल छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के फार्मेसी छात्र आदित्य सिंह की दो दिन पहले डेंगू से मौत हो गई थी। अब दूसरे छात्र भी डेंगू से डर रहे हैं और यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगा रहे है। छात्र आदित्य सिंह की मौत को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पूरी तरह से पल्ला झाड़ रहा है। प्रो वाइस चांसलर वीके शर्मा का कहना है.. छात्र आदित्य सिंह राजपूत ने कभी नहीं बताया कि वह बीमार था और वह लगातार कॉलेज आता रहा वह किराए से रहता था और अपने दोस्तों के साथ बाहर घूमने भी गया था। लेकिन यूनिवर्सिटी के नियम इतने कड़े हैं कि बीमार होने के बावजूद विश्वविद्यालय मेडिकल लीव नहीं देता।बहरहाल एमिटी यूनिवर्सिटी के छात्र आदित्य सिंह की मौत के बाद छात्रों में गुस्से का माहौल है। यूनिवर्सिटी में पूरे दिन भर हंगामा होता रहा। छात्रों को समझाने के लिए पुलिस प्रशासन भी मौके पर पहुंचा। लेकिन वह नहीं माने उनका कहना है, इस पूरे घटनाक्रम में दोषी विभाग की HOD है, जो आदित्य सिंह को डेंगू होने के बाद मेडिकल लिव नही दे रही थी… और आदित्य ने डेंगू से लड़ते लड़ते अपनी जान गवां दी। छात्र आदित्य सिंह राजपूत ग्वालियर की एमिटी यूनिवर्सिटी में फार्मेसी फाइनल ईयर का स्टूडेंट है, वह शहर के दीनदयाल नगर में किराए से रहता था। वह पिछले 6 दिन से बीमार था लेकिन अटेंडेंस शॉर्ट ना हो जाए, इस डर से लगातार कॉलेज आता रहा।
