Land Dispute Resolution: सीकर जिले की श्रीमाधोपुर तहसील के ग्राम खन्नीपुर (पटवार मंडल हांसपुर) में दो वर्षों से लंबित रास्ते के विवाद को आखिरकार तहसील प्रशासन ने कोर्ट के आदेश के तहत सुलझा दिया। तहसीलदार जगदीश प्रसाद बैरवा के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में जेसीबी मशीन से रास्ते से अतिक्रमण हटाकर आवागमन के लिए खोल दिया।

Land Dispute Resolution: सीमा ज्ञान प्रक्रिया के बाद मौके पर अतिक्रमण हटवाया
यह कार्रवाई उपखंड अधिकारी श्रीमाधोपुर द्वारा राजस्थान काश्तकारी अधिनियम 1955 की धारा 251A के तहत पारित आदेश की अनुपालना में की गई। प्रकरण में श्रीराम यादव बनाम कजोड़ जाट व अन्य पक्षकार थे। प्रशासन ने 12 फीट चौड़े रास्ते को चिन्हित कर, सीमा ज्ञान प्रक्रिया के बाद मौके पर अतिक्रमण हटवाया।
Land Dispute Resolution: इसी के तहत यह विशेष कार्रवाई की गई
इस मामले में नया मोड़ तब आया जब शनिवार को स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा के आवास पर हुई जनसुनवाई के दौरान रास्तों से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं। मंत्री ने श्रीमाधोपुर तहसीलदार को निर्देश दिए कि रास्ते के विवादों का शीघ्र निस्तारण हो। इसी के तहत यह विशेष कार्रवाई की गई।
Land Dispute Resolution: सख्ती दिखाते हुए अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया
विशेष बात यह रही कि कोर्ट का आदेश और मुआवजे की राशि राजकोष में जमा होने के बावजूद रास्ता अवरुद्ध रखा गया था। खातेदारों द्वारा लगातार विरोध करने और प्रार्थी को रास्ता न देने पर जब मंत्री के संज्ञान में मामला आया, तो प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए अतिक्रमण हटाने का निर्णय लिया।
तहसील प्रशासन का आभार जताया
इस कार्रवाई में तहसीलदार के साथ पटवारी हल्का हांसपुर अरविंद सैनी और भू-अभिलेख निरीक्षक रामगोपाल जाट भी शामिल रहे। प्रशासनिक सख्ती और निष्पक्ष कार्रवाई के चलते दो साल से प्रभावित खातेदारों ने राहत की सांस ली और तहसील प्रशासन का आभार जताया।
यह उदाहरण दर्शाता है कि जब प्रशासन इच्छाशक्ति के साथ कार्य करता है, तो वर्षों पुराने विवाद भी सुलझाए जा सकते हैं और आमजन को न्याय मिल सकता है।
