Lance Naik Vikas Kumar: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में शहीद लांस नायक विकास कुमार को अंतिम विदाई दी गई। सेना की गाड़ी उनका पार्थिव शरीर लेकर गणकोट गांव पहुंची, जहां हजारों लोग अंतिम दर्शन के लिए जुटे।

‘इन्हें हॉस्पिटल लेकर चलो’
अंतिम यात्रा के लिए जैसे ही ताबूत खोला गया, शहीद की पत्नी प्रीति अपना होश खो बैठीं और बार-बार कहती रहीं- इन्हें हॉस्पिटल लेकर चलते हैं। वहीं कुछ ही देर बाद वह रोते-रोते बेहोश हो गईं। विकास की मां का भी रो-रोकर बुरा हाल होल गया।

Lance Naik Vikas Kumar: 10 महीने का बेटा
बता दे कि, 29 मार्च को सिक्किम में एवलांच की चपेट में आकर शहीद हुए विकास कुमार 19 कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात थे। वह अपने पीछे पत्नी और 10 महीने के बेटे पृथ्विक को छोड़कर चले गए। रामेश्वर घाट पर पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिंम संस्कार किया गया। घर से श्मशाम घाट तक शहीद विकास कुमार की अंतिम यात्रा में बाइकों का काफिला चल रहा था और बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल हुए।
शहीद को अंतिम विदाई
इस दौरान “जब तक सूरज चांद रहेगा, विकास तेरा नाम रहेगा” और “भारत माता की जय” के नारे लगाए गए। शहीद विकास कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवान ‘रिवर्स आर्म्स’ की प्रक्रिया के तहत बंदूकें नीचे झुकाकर सम्मान प्रकट किया, और उन्हें आखिरी सैल्यूट देकर श्रद्धांजलि दी। शहीद विकास कुमार के अंतिम संस्कार के दौरान ‘द लास्ट पोस्ट’ धुन बजाई गई।
