लालू परिवार को झटका
कोर्ट ने बिहार के पूर्व CM लालू यादव, पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजप्रताप, तेजस्वी यादव और बेटी मीसा, हेमा पर आरोप तय किए। कुल 98 आरोपियों में से 52 आरोपियों को आरोपमुक्त कर दिया गया। जबकि बाकी बचे 41 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए गए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में अब तक 5 आरोपियों की मृत्यु हो चुकी है, इसलिए बाकी बचे 41 आरोपियों पर मुकदमा चलाया जाएगा।

Lalu Family Land for Job: मामले में ट्रायल की जरूरत
लैंड फॉर जॉब मामले में अगली सुनवाई अब 29 जनवरी को होगी। अदालत ने कहा कि मामले में लालू परिवार ने क्रिमिनल सिंडिकेड की तरह काम किया। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और इस मामले में ट्रायल की आवश्यक्ता है। CBI केस में लैंड के बदले नौकरी देने की साजिश प्रथम दृष्टया साबित हुई।
नौकरी दिलाने के बदले जमीन
Lalu Family Land for Job: बता दे कि, लैंड फॉर जॉब स्कैम के तार RJD नेता लालू यादव से जुड़े हैं। नौकरी के बदले जमीन लेने के घोटाले में लालू यादव और उनके परिवार वालों पर रेलवे में नौकरी दिलाने के बदले जमीन लेने का आरोप है। इस मामले में CBI ने मई 2022 में लालू और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार का नया केस दर्ज किया था।

कैश में भुगतान
CBI के मुताबिक इस तरह से लालू यादव के परिवार ने बिहार में 1 लाख स्क्वायर फीट से ज्यादा जमीन महज 26 लाख रुपए में ले ली थी, जबकि उस समय के सर्कल रेट के अनुसार जमीन की कीमत करीब 4.39 करोड़ रुपए चल रही थी। खास बात ये है कि लैंड ट्रांसफर के ज्यादातर मामलों में जमीन मालिक को कैश में भुगतान किया गया।
