Lalit Upadhyay Hockey Retirement: भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी फॉरवर्ड और वाराणसी के लाल ललित उपाध्याय ने 22 जून 2025 को इंटरनेशनल हॉकी से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट के जरिए इस खबर की पुष्टि की। हालांकि, ललित अब भी घरेलू और लीग मैचों में सक्रिय रहेंगे। फिलहाल वह बेल्जियम में चल रही प्रो हॉकी लीग में व्यस्त हैं।
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संन्यास की घोषणा में दिखा भावनात्मक जुड़ाव…
ललित ने अपने पोस्ट में लिखा, “आज मैं इंटरनेशनल हॉकी से संन्यास लेने की घोषणा करता हूं। यह मेरे लिए एक कठिन पल है, लेकिन हर खिलाड़ी को एक दिन इसका सामना करना पड़ता है। देश का प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान रहा है। आप सभी का दिल से धन्यवाद।”
Today, I announce my retirement from international hockey.
It’s a tough moment, but one every athlete must face one day.
It has been the greatest honour and pride of my life to represent our country 🇮🇳🙏
Thank you for everything. 🙏 @HockeyIndiaLeag @TheHockeyIndia pic.twitter.com/OcryhKsYxQ— Lalit Upadhyay (@lalithockey) June 22, 2025
कोच परमानंद मिश्र को बताया मार्गदर्शक…
अपने हॉकी करियर के शुरुआती दिनों को याद करते हुए ललित ने अपने पहले कोच परमानंद मिश्र को विशेष रूप से धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि “गांव से हॉकी की शुरुआत की थी और परमानंद सर ने मुझे शुरुआत में ही सही दिशा दी। आज जो कुछ भी हूं, उन्हीं की बदौलत हूं।”
छोटे से गांव से ओलिंपिक तक का सफर..
ललित ने लिखा, “मेरी यात्रा एक छोटे से गांव से शुरू हुई, जहां संसाधन सीमित थे लेकिन सपने असीम। एक स्टिंग ऑपरेशन से लेकर दो बार ओलिंपिक पोडियम तक पहुंचना मेरे जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। 26 साल बाद अपने शहर से ओलिंपियन बनना मेरे लिए गर्व का विषय है।”

दो बार ओलिंपिक पदक विजेता हैं ललित…
ललित उपाध्याय टोक्यो ओलिंपिक 2020 में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली भारतीय टीम के अहम सदस्य रहे। उनके प्रदर्शन के लिए उन्हें 2021 में अर्जुन अवार्ड से नवाजा गया था। पेरिस ओलिंपिक 2024 में भी उन्होंने टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व किया और एक बार फिर ब्रॉन्ज मेडल दिलाया।
2008 में करियर पर लगा था ब्रेक…
2008 में जब ललित मात्र 17 वर्ष के थे, तब उनका करियर एक झटके में रुक गया। एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन में उन्हें एक सौदेबाजी का चेहरा बना दिया गया, जबकि ललित का इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने इस घटना से टूटकर हॉकी छोड़ने तक का मन बना लिया था।
बच्चों को देते हैं फ्री हॉकी ट्रेनिंग…
आज ललित उपाध्याय अपने गांव भगतपुर, शिवपुर (वाराणसी) में रहकर बच्चों को फ्री में हॉकी की ट्रेनिंग देते हैं। वह अब तक 210 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। 2017 में उन्हें लक्ष्मण पुरस्कार और 2021 में अर्जुन अवार्ड दिया गया था।
DSP बनने के लिए ठुकराया OSD का ऑफर…
ललित को पहले उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा OSD (Officer on Special Duty) का ऑफर दिया गया था, लेकिन उन्होंने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया क्योंकि उसमें न प्रमोशन था, न पुलिस की यूनिफॉर्म। बाद में उन्हें पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के पद पर नियुक्त किया गया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त किया।
अर्जुन अवार्ड पाने वाले वाराणसी के दूसरे हॉकी खिलाड़ी…
ललित उपाध्याय वाराणसी के चौथे ओलिंपियन और अर्जुन अवार्ड पाने वाले दूसरे हॉकी खिलाड़ी हैं। उनसे पहले मोहम्मद शाहिद, विवेक सिंह और राहुल सिंह ने ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व किया था।
