Lakhpati Didi Conference 2025 : भारत में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक विकास के लिए ‘लखपति दीदी’ योजना एक प्रेरणादायक आंदोलन बन चुकी है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने हाल ही में छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में आयोजित ‘लखपति दीदी’ सम्मेलन में इस पहल की सराहना की और इसे भारत की महिला शक्ति एवं लोकतंत्र की मिसाल बताया। इस योजना का उद्देश्य महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनें और आर्थिक रूप से मजबूत हों।
योजना का परिचय और उद्देश्य
‘लखपति दीदी’ योजना का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है, जिससे वह रोजगार के अवसरों के साथ-साथ आत्मनिर्भरता हासिल कर सकें। इस योजना के तहत महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, और उद्यमिता के अवसर दिए जाते हैं जिससे वे सालाना ₹1 लाख या अधिक की आय अर्जित कर सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2023 को इस योजना की घोषणा की थी, जिसमें तीन करोड़ ग्रामीण महिलाओं को ‘लखपति’ बनाने का संकल्प लिया गया है।
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उपराष्ट्रपति की भूमिका और मान्यता
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस पहल को न केवल आर्थिक दृष्टि से, बल्कि महिला स्वतंत्रता, सम्मान और आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि लखपति दीदी शब्द केवल आय का संकेत नहीं, बल्कि महिलाओं की दृढ़ संकल्प और नेतृत्व की पहचान है। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं की मेहनत और एकजुटता को ग्रामीण भारत की प्रगति की रीढ़ बताया। उपराष्ट्रपति ने लखपति दीदियों को सम्मानित करते हुए महिलाओं की उपलब्धियों को उनकी सामर्थ्य का उत्सव बताया।
महिला शक्ति और लोकतंत्र में योगदान
‘लखपति दीदी’ आंदोलन ने महिलाओं को परिवार और समाज में निर्णय लेने की स्थिति में पहुंचाया है, जिससे वे न केवल आर्थिक तौर पर सशक्त हुई हैं, बल्कि अपने अधिकारों और सामाजिक सम्मान की लड़ाई में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। यह पहल भारत के लोकतांत्रिक स्वरूप को मजबूत करती है क्योंकि यह महिलाओं की भागीदारी और सशक्तिकरण को बढ़ावा देती है। इससे ग्रामीण भारत में आर्थिक विकास और सामाजिक समानता के द्वार खुले हैं।
‘लखपति दीदी’ योजना भारत की महिला सशक्तिकरण की एक जीवंत मिसाल है, जो देश के लोकतंत्र को मजबूत बनाने में महिला योगदान को उजागर करती है। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने इस पहल की महत्ता को समझाते हुए इसे ग्रामीण भारत की वास्तविक शक्ति और विकास की प्रेरणा बताया। यह योजना महिलाओं को न केवल आर्थिक आधार देती है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मान, स्वतंत्रता, और आत्मविश्वास की नई ऊंचाइयों पर ले जाती है। इस प्रकार, ‘लखपति दीदी’ भारत की महिला शक्ति और लोकतंत्र का सशक्त स्तंभ बन चुकी है।
