Ladli Laxmi Scheme: मध्यप्रदेश में लाडली लक्ष्मी बटियों के बड़ा संख्या में विद्यालय छोड़े जाने से नाराज मुख्यमंत्री ने इस पर इसकी गहन समीक्षा और सख्त निगरानी के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अगले तीन साल में कुपोषण समाप्त करने का लक्ष्य महिला एवं बाल विकास विभाग को दिया है। बैठक में सरकार के 2 साल के कामकाज का लेखा-जोखा संबंधित विभागों से लिया।
Ladli Laxmi Scheme: टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए खरीदी जाने वाली सामग्री की टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए और कहा कि अगर टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी होगी तो वरिष्ठ अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन पर कार्रवाई की जाएगी।
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आंगनवाड़ियों की तीन साल की कार्य योजना
मप्र में सेंट्रल किचन के माध्यम से शहरी आंगनबाड़ियों में गर्म भोजन 2026 से नई व्यवस्था लागू की जाएगी। विजन-2047 के अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा पर बड़ा निवेश किया जाएगा और निपुण भारत आधारित विकास कार्ड से गुणवत्ता सुधरेगी। 34 लाख बालिकाओं को छात्रवृत्ति और प्रोत्साहन राशि दी जाएगी तथा लहड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार किया जाएगा। अगले तीन वर्षों में 9,000 नए आंगनबाड़ी भवन बनाए जाएंगे। एचईडब्ल्यू के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरुकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिसमें जेंडर, सुरक्षा और कानूनी सहायता में व्यापक प्रभाव आएगा।
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महिला एवं बाल विकास की उपलब्धियां
प्रधानमंत्री मातृवंदन योजना में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ से अधिक की सहायता दी गई। लाड़ली बहना योजना में जनवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच 36,778 करोड़ का अंतरण किया गया। 1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता, 57 वन स्टॉप सेंटरों से 52,095 महिलाओं को सुरक्षा दी गई। बेटी बचाओं बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के तहत
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताई उपलब्धियां
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