kukshi child murder mental health crime news: धार जिले के कुक्षी में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई, जिसने पूरे इलाके को सकते में डाल दिया. 24 साल युक ने घर में घुसकर 5 साल के मासूम विकास भूरिया की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपी महेश मायड़ा ने धारदार हथियार से बच्चे के दो टुकड़े कर दिए। इस घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है
कोई दुश्मनी नहीं, फिर भी हत्या
Dhar Crime News: इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी और पीड़ित परिवार के बीच कोई भी जान-पहचान, रंजिश या दुश्मनी नहीं थी। न तो महेश मायड़ा का परिवार से कोई लेना-देना था और न ही किसी विवाद का कोई इतिहास। फिर भी इतनी निर्ममता से एक मासूम की हत्या कर देना पूरे समुदाय को सोचने पर मजबूर कर रहा है.
घटना के बाद घर के बाहर करीब 15 से 20 रिश्तेदार इकट्ठा थे। जिस कमरे में मासूम की हत्या हुई, वहां अब भी खून फैला है। इन्हीं निशानों को देखकर मां सोनाबाई रह-रहकर रोए जा रही है। इसी कमरे में फालिया, तीर-कमान टंगे रहते हैं।
मां सोनाबाई और मौजूद लोगों के जहन में एक ही सवाल था कि….
आरोपी ने निर्दोष बच्चे को क्यों मारा। दोनों का एक-दूसरे से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं था। न कोई दुश्मनी और न पहचान। फिर इतनी बेरहमी से मासूम को क्यों मार डाला? आसपास के लोग डर के मारे सामने नहीं आ रहे।
पहले पति पर वार किया, फिर बेटे को मार डाला
पहले पति पर वार किया, फिर बेटे को मार डाला सोनाबाई ने बताया, शुक्रवार सुबह करीब सवा 10 बजे थे। मैं एक कमरे में काम कर रही थी। पास ही विकास भी खेल रहा था। पति बाहर काम कर रहे थे। बेटियां भी उनके पास ही थीं। इसी दौरान महेश मायड़ा घर के अंदर आ गया। वह इसी कमरे में रखी खटिया पर बैठ गया।
वह पैरों में चप्पल नहीं पहने था।
मैंने उसे देखकर पूछा कि पावागढ़ से आए हो क्या? रास्ता भूल गए हो?
तुम कौन हो?
उसने कुछ नहीं बोला। दो-तीन मिनट तक इधर-उधर देखता रहा। उसने पानी भी मांगा। मैंने उसे पानी पिलाया। फिर पति को आवाज दी।
कहा-
इन्हें सड़क तक रास्ता दिखा दो। पति अंदर आए। इसी दौरान युवक ने दीवार पर टंगा फालिया देखा और उठा लिया। वह फालिया लहराने लगा। उसने पति पर वार कर दिया, लेकिन वह झुक गए, इसलिए बच गए। यह देख दोनों चिल्लाए। मुझे लगा कि युवक पति को मारने आया है….
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मैंने चिल्लाकर पति को पीछे के दरवाजे से भागने के लिए कहा। यह सुनकर पति बाहर की ओर भागे। इसी दौरान बेटियां भी अंदर आ गई थीं। मैं दोनों को लेकर वहां से पीछे के दरवाजे से बाहर भागी। हड़बड़ाहट में विकास वहीं रह गया। ध्यान आया, तो वापस बेटे को लेने अंदर दौड़ी।इसी दौरान आरोपी ने फालिए से मेरे सामने बेटे की गर्दन पर वार कर दिया।
आरोपी पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था
जानकारी के मुताबिक, महेश पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहा था और एक सामान्य युवक की तरह जीवन जी रहा था। इस वारदात से पहले उसने किसी असामान्य व्यवहार का संकेत नहीं दिया था। यह तथ्य अब सवाल खड़े करता है कि क्या उसकी मानसिक स्थिति स्थिर थी या वह किसी गहरे मानसिक तनाव से जूझ रहा था?
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आरोपी के परिजन ने बताया तंत्र-मंत्र का खेल
kukshi child murder mental health crime news: तांत्रिक के कहने पर रिश्तेदार के यहां रुकवाया था आलीराजपुर में तांत्रिक के पास उसे ले गए थे। काला धागा भी बांधा था। तांत्रिक ने कहा था कि इस पर बुरी आत्मा का साया है। कुछ दिन इसे घर मत ले जाना। किसी रिश्तेदार के यहां रुकवाना है। गुरुवार शाम जोबट के पास ही खारी गांव में जीजा गणसिंह के यहां उसे छोड़ दिया। शुक्रवार सुबह करीब 7:30 बजे बाइक लेकर निकल गया।
मानसिक स्वास्थ्य पर उठते सवाल
इस निर्मम हत्या ने एक बार फिर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज की लापरवाही उजागर कर दी है। अगर महेश की मानसिक स्थिति असामान्य थी, तो क्या उसके परिवार या आस-पड़ोस ने कोई संकेत देखा? क्या समय पर इलाज संभव था? यह घटना हमें इस दिशा में गंभीर सोच की जरूरत बताती है।
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