Kubreshwar Dham Rudraksha Mahotsav 2026: सीहोर. मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में एक बार फिर आस्था का विशाल सैलाब उमड़ने जा रहा है. हर साल की तरह इस साल भी रुद्राक्ष महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जो 14 फरवरी से शुरू होकर 20 फरवरी तक चलेगा. अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त शिव महापुराण कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा जी के सान्निध्य में होने वाले इस आयोजन को लेकर तैयारियां ज़ोरों पर हैं,
इस बार महोत्सव की खास बात यह है कि कुबेरेश्वर धाम में ‘ग्रीन शिवरात्रि’ मनाई जाएगी. आयोजन का मकसद सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाना भी है
Kubreshwar Dham Rudraksha Mahotsav 2026: होगा 1 करोड़ पौधों का रोपण
आयोजकों के मुताबिक, पर्यावरण संरक्षण की थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम के तहत महाशिवरात्रि के अवसर पर देश-विदेश में एक करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. यह पहल अपने आप में अभूतपूर्व मानी जा रही है,
Kubreshwar Dham Rudraksha Mahotsav 2026: 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं की उम्मीद
महोत्सव के दौरान सीहोर में 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है. इसे देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और आयोजन समिति मिलकर व्यापक इंतजाम कर रही है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो
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रुद्राक्ष महोत्सव के लिए खास व्यवस्थाएं
भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने भी अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं. सीहोर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की गई है,
कुबेरेश्वर धाम परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है. यहां 256 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिससे हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके,
वहीं कुबेरेश्वर धाम से रेलवे स्टेशन तक करीब डेढ़ दर्जन से ज्यादा अस्थायी अस्पताल बनाए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत इलाज उपलब्ध कराया जा सके
आधुनिक सुविधाओं से लैस कुबेरेश्वर धाम
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कुबेरेश्वर धाम को आधुनिक व्यवस्थाओं से सुसज्जित किया गया है. यहां 1 लाख 80 हजार स्क्वायर फीट का विशाल पक्का पंडाल बनाया गया है,
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एक साथ बैठ सकेंगे डेढ़ लाख श्रद्धालु
इस पंडाल में एक साथ करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु कथा श्रवण कर सकेंगे. पीने के पानी की भी विशेष व्यवस्था की गई है. धाम में श्रद्धालुओं को सिर्फ 5 रुपए में 1 लीटर पानी की बोतल उपलब्ध कराई जाएगी,
श्रद्धालुओं के भोजन के लिए करीब 10 एकड़ में विशाल भोजनशाला तैयार की गई है. आयोजन समिति का दावा है कि भक्तों की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखा गया है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के शिव भक्ति में लीन रह सकें
आस्था के साथ जिम्मेदारी का संदेश
कुबेरेश्वर धाम का यह आयोजन न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि समाज को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनने का संदेश भी देता है. ग्रीन शिवरात्रि की यह पहल आने वाले समय में एक मिसाल बन सकती है,
अब देखना होगा कि 14 फरवरी से शुरू होने वाला यह महोत्सव किस तरह श्रद्धा, सेवा और प्रकृति संरक्षण को एक साथ जोड़ता है.
