कुबेरेश्वर धाम कथा: कुबेरेश्वर धाम में कथा सुनने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार माहौल कुछ अलग होगा। श्रद्धा वही रहेगी, लेकिन व्यवस्थाएं पहले से कहीं ज्यादा सख्त और नियंत्रित दिखेंगी। बीते वर्षों की घटनाओं से सबक लेते हुए प्रशासन और आयोजन समिति ने मिलकर बड़ा फैसला लिया है कथा के दौरान अब रुद्राक्ष का वितरण नहीं किया जाएगा।
कुबेरेश्वर धाम कथा: पिछले अनुभवों ने बदला फैसला
पिछले सालों में कुबेरेश्वर धाम में कथा और रुद्राक्ष वितरण के दौरान भारी भीड़ उमड़ी थी। कई बार हालात ऐसे बने कि व्यवस्था संभालना मुश्किल हो गया। इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए इस बार पहले ही स्पष्ट कर दिया गया है कि 15 जनवरी से 15 मार्च 2026 तक कथा के समय रुद्राक्ष नहीं बांटे जाएंगे. आयोजन समिति को निर्देश दिए गए हैं कि इस फैसले की जानकारी बड़े और स्पष्ट सूचना बोर्ड के जरिए श्रद्धालुओं तक पहुंचाई जाए, ताकि किसी तरह की गलतफहमी न बने।
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कुबेरेश्वर धाम कथा: 14 से 20 फरवरी तक होगा रुद्राक्ष महोत्सव
कुबेरेश्वर धाम में 14 फरवरी से 20 फरवरी तक रुद्राक्ष महोत्सव आयोजित किया जाएगा। इसी को लेकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने भोपाल से आला अधिकारी धाम पहुंचे. भोपाल संभागायुक्त संजीव सिंह, आईजी अभय सिंह और डीआईजी राजेश चंदेल ने मौके पर पहुंचकर बैठक ली. बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारी, कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा और आयोजन समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि इस बार व्यवस्था में कोई ढील नहीं दी जाएगी।
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यातायात और पार्किंग पर खास नजर
मुख्य सड़कों और हाईवे पर यातायात बाधित न हो, इसके लिए प्रभावी डायवर्जन प्लान लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। पार्किंग व्यवस्था को भी पहले से चिन्हित और सुव्यवस्थित करने को कहा गया है. भीड़ नियंत्रण के लिए सेक्टर सिस्टम भीड़ प्रबंधन को लेकर कार्यक्रम स्थल को अलग-अलग सेक्टरों में बांटा जाएगा। प्रत्येक सेक्टर में वालंटियर और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहेगी. आयोजन समिति को पर्याप्त संख्या में वालंटियर रखने, उन्हें पहचान पत्र देने और भीड़ नियंत्रण का प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए हैं.
स्वास्थ्य व्यवस्था
मौके पर एम्बुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था
प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ की तैनाती
प्राथमिक उपचार केंद्र
गंभीर स्थिति में त्वरित इलाज के लिए मिनी आईसीयू
रेफरल सिस्टम पूरी तरह सक्रिय
