Kubereshwar Dham Tragedy: कुबेरेश्वर धाम लोग अपनी मन्नत लेकर जाते है। प्रदीप मिश्रा की कथाओं से प्रभावित होकर संतान सुख की प्राप्ति लिए राजकोट का एक जोड़ा कुबेरेश्वर धाम पहुंचा। भगवान सिंह (28) अपनी पत्नी रंजू देवी की शादी को 9 साल हो चुके है लेकिन बच्चा नहीं होने के कारण मन्नत मांगने कुबेरेश्वर धाम आए।
लेकिन उन्हें ये नहीं पता था की यहां उनके साथ हादसा हो जाएगा। बता दे, मंदिर परिसर में सेवा कार्य के नाम पर भगवान सिंह को ऊपरी हिस्से में सफाई के लिए भेजा गया, जहां से वे गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। पत्नी रंजू देवी ने आरोप लगाया हादसे के बाद सेवादारों ने उन्हें अस्पताल ले जाने से मना कर दिया यहां तक की धमकी भी दी।
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बाद में कई बार कहने पर उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक हालत बिगड़ चुकी थी। उन्हें भोपाल शिफ्ट किया गया, जहां 21 अप्रैल की रात इलाज के दौरान भगवान सिंह की मौत हो गई।
Kubereshwar Dham Tragedy: 16 अप्रैल को पहुंचे थे धाम
रंजू देवी ने बताया कि वे 16 अप्रैल की सुबह कुबेरेश्वर धाम पहुंचे थे। वहां दर्शन किए फिर कथा पंडाल में बैठ गए। थोड़ी देर बाद एक महिला ने सेवा कार्य करने को कहा, दोनों तैयार हो गए। दोनों बर्तन धोने और पोछा लगाने लगे। इसी दौरान एक सेवादार आया और उसने भगवान सिंह को ऊपर आलू का बोरा ले जाने को कहा और फिर दूसरे ने पोछा लगाने भेजा। कुछ देर बाद शोर हुआ कि कोई गिर गया है। रंजू देवी भागकर पहुंचीं तो देखा कि उनके पति एक गड्ढे में पड़े हैं। रंजू ने बताया दो सेवादार उन्हें ऊपर काम के लिए ले गए थे।

पत्नी – ‘ज्यादा बोली तो तुझे भी मार देंगे’
रंजू देवी ने आरोप लगाया कि पहले सेवादारों ने अस्पताल ले जाने से ही इनकार कर दिया। उन्होंने कहा- “छोड़ दो, रहने दो।” पत्नी के बार-बार कहा फिर उन्हें एम्बुलेंस से सीहोर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां सिर पर टांके लगाए गए। वहां भी सेवादारों ने कोई मदद नहीं की। रंजू देवी ने कहा – एक सेवादार ने यहां तक कह दिया, “तुम जहां चाहो वहां ले जाओ, ज्यादा बोली तो तुझे भी मार देंगे।”
नहीं बच सके भगवान सिंह
रंजू देवी पति को लेकर भोपाल पहुंचीं, जहां रिश्तेदारों की मदद से LBS अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज के दौरान 21 अप्रैल की रात उनकी मौत हो गई। हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा दिया गया।
‘सेवादार अस्पताल छोड़कर भाग गए’
Kubereshwar Dham Tragedy: भगवान सिंह के रिश्तेदारों का कहना है कि घटना दोपहर करीब 12 बजे की है। उन्हें फोन पर पता चला कि 2 सेवादार भगवान सिंह को सेवा के लिए ऊपर ले गए थे और वहीं से वह गिर गए। सिर में चोट लगी थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो सेवादार वहां से भाग गए।
