kranti Goud Father Job: भारतीय टीम के स्टार गेंदबाज क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह मध्यप्रदेश पुलिस में कांस्टेबल थे, लेकिन उन्हें साल 2012 में संस्पेंड कर दिया गया था। संस्पेंड की वजह चुनावी ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही बताई गई। लेकिन अब 13 साल के लंबे इतजार के बाद उन्हें उनकी जॉब वापस दे दी गई है।
बता दें कि, क्रांति के पिता की नौकरी बहाल कर दी गई है। ये सब उनकी बेटी क्रांति गौड़ की वजह से संभव हो पाया।
Kranti Goud Father Job: वर्ल्ड कप में क्रांति ने बिखेरा जलवा
विमेंस वर्ल्ड कप 2025 मैच में क्रांति गौड़ का जलवा सब ने देखा। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ हुए मैच में 3 बड़े विकेट भी चटकाएं थे, और वही पूरे वर्ल्ड कप में टोटल 9 विकेट झटके इसी के साथ वो प्लेयर ऑफ द मैच भी रहीं। टीम ने यह वर्ल्ड कप का खिताब भी अपने नाम किया था।

रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद एक सम्मान समरोह के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खिलाड़ियो से बातचीत की थी, तब क्रांति ने अपने पिता को संस्पेड पर विभागीय जांच और निलंबन का मुद्दा उठाया था, तब सीएम ने क्रांति से वादा किया था उनके पिता की नौकरी बहाल कर दी जाएगी।

अब सीएम के आदेश के बाद क्रांति के पिता को उनकी नौकरी वापस दे दी गई है। मुख्यमंत्री ने अपना वादा पूरा कर दिया है।
5 जनवरी को मुन्ना सिंह को सेवा में दोबारा किया गया बहाल
सीएम ने अपना वादा निभाते हुए उनके निर्देश पर पुलिस मुख्यालय ने 5 जनवरी को क्रांति गौड़ के पिता मुन्ना सिंह को दोबारा सेवा में बहाल कर दी है। मुन्ना सिंह एमपी पुलिस में कांस्टेबल थे लेकिन चुनावी ड्यूटी के दौरान कथित लापरवाही की वजह से उन्हें निलंबित कर दिया गया था, लेकिन अब 13 साल के वनवास को खत्म करते हुए उन्हें सम्मान पूर्वक उनकी जॉब बहाल कर दी गई थी।
विश्वास सारंग ने की पुष्टि
रिपोर्ट के अनुसार, सारंग ने कहा कि – ‘ यह फैसला न सिर्फ परिवार को राहत देता है, बल्कि यह सरकार की संवेदनशीलता, एथलीटों के प्रति सम्मान और निष्पक्ष रवैये का एक साफ उदाहरण भी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारत की ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत के बाद एक सम्मान समारोह में क्रांति को आश्वासन दिया था कि उनके पिता की नौकरी बहाल कर दी जाएगी।’
आगे लिखा कि –
‘इस फैसले ने न सिर्फ परिवार को आर्थिक और सामाजिक सहारा दिया है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया है कि क्रांति के पिता पुलिस की वर्दी में सम्मान के साथ रिटायर हो सकें।’
