राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कोटा को एक नॉन-पॉल्यूटिंग यानी प्रदूषण मुक्त इंडस्ट्रियल हब बनाने का फैसला किया है। इसके तहत कोटा के कनवास तहसील के धोती गांव में लगभग 22.78 हेक्टेयर जमीन राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम को आवंटित की गई है। यहां पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाने वाले छोटे से बड़े उद्योग स्थापित किए जाएंगे। इस पहल से न केवल कोटा की इकॉनोमी को मजबूती मिलेगी बल्कि स्थानीय उद्यमियों को भी नए अवसर मिलेंगे। साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे क्षेत्र में आर्थिक विकास को तेजी मिलेगी।
जैसलमेर बॉर्डर पर सड़क निर्माण का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने जैसलमेर जिलें में भारत-पाकिस्तान सीमा के साथ सटे इलाकों में सड़क निर्माण के लिए 101.97 हेक्टेयर सरकारी जमीन को केंद्रीय लोक निर्माण विभाग को सौंपने की मंजूरी दी है। यह सड़क बॉर्डर के समानांतर बनेगी, जिससे सीमावर्ती इलाकों के लोगों की आवाजाही बेहतर होगी और जवानों की तैनाती में भी आसानी होगी। इस परियोजना से न केवल देश की सुरक्षा में योगदान मिलेगा, बल्कि दूर दराज के गांवों के आर्थिक विकास का मार्ग भी प्रशस्त होगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से किसानों, पशुपालकों और छोटे व्यवसायों को लाभ मिलेगा और उनकी आजीविका में सुधार होगा।
समेकित विकास और सुरक्षा के साथ प्रदेश का सशक्तिकरण
इन दोनों बड़े फैसलों के माध्यम से राजस्थान सरकार ने विकास और सुरक्षा दोनों क्षेत्रों को एक साथ प्राथमिकता दी है। कोटा का इंडस्ट्रियल हब बनने से राज्य की आर्थिक वृद्धि तेज होगी और रोजगार की संभावनाओं में वृद्धि होगी। वहीं, जैसलमेर बॉर्डर पर सड़कों का निर्माण क्षेत्र की सामरिक सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों की जीवनशैली और व्यवसाय को बेहतर बनाने का भी काम करेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह कदम प्रदेश के दीर्घकालिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ये फैसले राजस्थान के संपूर्ण और संतुलित विकास की दिशा में एक नया अध्याय खोलेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन दोनों पर गहरा ध्यान दिया जाएगा, जिससे प्रदेश की समृद्धि और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सकेंगी।
