Kota farm fire: कोटा के सुल्तानपुर में शुक्रवार को खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में भीषण आग लग गई। इससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पुराने पेट्रोल पंप के पास स्थित खेतों में अचानक आग भड़की और तेज हवा के कारण देखते ही देखते कई खेत इसकी चपेट में आ गए। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि दूर-दूर तक धुआं दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के किसानों में भी दहशत फैल गई।

खेतों में लगी आग
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर सुल्तानपुर थाना अधिकारी दौलत साहू पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और कंट्रोल रूम से दमकल सहायता मांगी। आग लगातार फैलती जा रही थी, इसलिए सुल्तानपुर के साथ ही दीगोद और अन्य जगहों से भी दमकल वाहन बुलाए गए। दमकलकर्मियों और ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तेज लपटों के कारण काफी देर तक स्थिति काबू में नहीं आ सकी।
200 बीघा फसल खाक
इस आगजनी में गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। कचोलिया निवासी किसान जगदीश मीणा के 54 बीघा खेत की फसल पूरी तरह से जल गई, जबकि जालमपुरा निवासी महावीर मीणा के 14 बीघा खेत में से करीब 6 बीघा फसल को आग ने अपनी चपेट में ले लिया। कुल मिलाकर करीब 200 बीघा तक की फसल प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

लाखों का नुकसान
प्रभावित किसानों के अनुसार, कई लाख का नुकसान हुआ है। किसान पिछले 4 महीने से दिनरात एक करके फसल तैयार करने में लगे थे। आग लगने से उनकी कड़ी मेहनत जलकर राख हो गई। किसानों ने आरोप लगाया कि दमकल वक्त पर नहीं पहुंची और पानी का प्रेशर भी कम था, जिससे आग पर काबू नहीं पाया जा सका।
Kota farm fire: किसानों का आरोप
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन बिजली के तारों में स्पार्किंग से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगने के बावजूद बिजली सप्लाई बंद नहीं हुई। जिससे आग तेजी से फैलती चली गई।
