कोलकाता गैंगरेप कांड: आरोपी थे पहले से तैयार, DNA जांच से खुलेंगे और भी राज़
kolkata law college gangrape crime: पुलिस ने खोले चौंकाने वाले राज़, आरोपी पहले से कर रहे थे प्लानिंग!
kolkata law college gangrape crime: कोलकाता के एक प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में 25 जून को घटित गैंगरेप की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। अब इस मामले में पुलिस की जांच ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोप है कि यह पूरी वारदात पहले से प्लान की गई थी और मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा ने पीड़िता को कॉलेज में दाखिले के पहले दिन से ही निशाना बना लिया था।
तीनों आरोपियों के DNA सैंपल लिए गए
सोमवार को पुलिस ने मामले में गिरफ्तार तीनों आरोपियों – मनोजीत मिश्रा, प्रतीम मुखर्जी और जैद अहमद – को मेडिकल जांच के लिए कलकत्ता मेडिकल कॉलेज ले जाया। वहां करीब आठ घंटे चली प्रक्रिया में उनके DNA सैंपल, पेशाब, बाल और अन्य फ्लूइड्स के नमूने लिए गए। इन सैंपल्स को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
प्लानिंग के तहत किया गया गैंगरेप
पुलिस को अब इस बात का संदेह है कि यह गैंगरेप अचानक नहीं हुआ, बल्कि आरोपियों ने इसे प्लान करके अंजाम दिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी मिश्रा, जो कॉलेज का पूर्व छात्र है, पहले भी छात्राओं को टारगेट करता रहा है। उसके और अन्य दो आरोपियों के मोबाइल में ऐसे वीडियो मिले हैं जिनमें छात्राओं के यौन उत्पीड़न के दृश्य रिकॉर्ड किए गए हैं। इन वीडियो का इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग के लिए किया जाता था।
SIT जांच और 25 संदिग्धों की सूची
कोलकाता पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए 9 सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाई है। SIT ने करीब 25 लोगों की सूची तैयार की है, जो वारदात के दिन कॉलेज कैंपस में मौजूद थे। इन सभी से पूछताछ की जा रही है।
CBI जांच की याचिका, सियासी तूफान
इस केस की गंभीरता और आरोपी के सत्ताधारी पार्टी TMC से कथित संबंधों को लेकर सोमवार को कोलकाता हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि मामले की प्राथमिक जांच CBI से कराई जाए और कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी जाए। इसके अलावा पीड़िता को मुआवज़ा और कॉलेजों में महिला सुरक्षा के लिए सिविल वॉलंटियर तैनात करने की भी मांग की गई है।
CCTV फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट ने लगाए आरोपों पर मुहर
पुलिस के हाथ लगे CCTV फुटेज और मेडिकल रिपोर्ट ने केस को और मज़बूत कर दिया है। फुटेज में देखा गया कि पीड़िता को जबरन गार्ड रूम की ओर ले जाया गया, जहां घटना को अंजाम दिया गया। वहीं, मेडिकल जांच में रेप की पुष्टि हुई है। पीड़िता के शरीर पर खरोंच, काटने और मारपीट के निशान पाए गए हैं।
कॉलेज प्रशासन ने झाड़ा पल्ला, आरोपी की अस्थायी नियुक्ति
कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल नयना चटर्जी ने NDTV को दिए बयान में कहा कि कॉलेज को घटना की जानकारी मीडिया के जरिए मिली। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि आरोपी मनोजीत मिश्रा को कुछ महीने पहले स्टाफ की कमी के चलते अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया था।
सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज
मुख्य पुलिस अभियोजक सोरिन घोषाल ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, रेप की मदद करने वाले सभी आरोपियों को समान दोषी माना जाता है। इसलिए इस मामले को गैंगरेप की श्रेणी में रखा गया है, भले ही बलात्कार एक व्यक्ति ने किया हो।
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Shital Sharma
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