kolkata law college gangrape case update: 8 जुलाई तक बढ़ी कस्टडी, मुख्य आरोपी को नौकरी से निकाला
kolkata law college gangrape case update: 25 जून को साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में हुए गैंगरेप केस ने पूरे राज्य को हिला कर रख दिया है। अब इस मामले में पुलिस और कॉलेज प्रशासन की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। कोर्ट ने तीनों मुख्य आरोपियों की पुलिस हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ा दी है, जबकि कॉलेज प्रशासन ने मुख्य आरोपी मनोजीत मिश्रा को नौकरी से निकाल दिया है। दो छात्र आरोपी प्रमित मुखर्जी और जैब अहमद को सस्पेंड किया गया है।
कौन हैं आरोपी और क्या है केस का पूरा घटनाक्रम?
- मुख्य आरोपी: मनोजीत मिश्रा, कॉलेज का अस्थायी शिक्षक और पूर्व छात्र
- अन्य आरोपी: छात्र जैब अहमद, प्रमित मुखर्जी
- चौथा आरोपी: कॉलेज का सुरक्षा गार्ड पिनाकी बनर्जी, जिसकी कस्टडी 4 जुलाई तक बढ़ी है
इन चारों पर आरोप है कि इन्होंने मिलकर एक फर्स्ट ईयर की छात्रा के साथ गैंगरेप किया। पीड़िता को मेडिकल जरूरत का झांसा देकर कॉलेज कैंपस के भीतर ही वारदात को अंजाम दिया गया।

प्रशासन की कार्रवाई और कॉलेज का जवाब
साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल डॉ. नयना चटर्जी ने बताया कि मनोजीत को कुछ महीने पहले ही अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया था। स्टाफ की कमी के चलते यह हायरिंग की गई थी।
प्रशासन को घटना की जानकारी मीडिया के ज़रिए मिली, क्योंकि पीड़िता या किसी और ने कॉलेज में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।
कॉलेज ने बार काउंसिल से मनोजीत मिश्रा की वकालत की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश भी की है। साथ ही, दो कमरों को पुलिस ने सील कर दिया है और सिक्योरिटी गार्ड को ड्यूटी में लापरवाही का दोषी माना गया है।
पुलिस जांच में क्या सामने आया?
- पीड़िता ने खुद को बचाने की कोशिश की, मनोजीत के शरीर पर नाखूनों के निशान पाए गए
- आरोपी घटना से पहले से ही पीड़िता को ट्रैक कर रहे थे
- कॉल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज से घटना की पूर्व-नियोजित साजिश का संकेत मिला है
- जैब अहमद ने मेडिकल स्टोर से इनहेलर खरीदा, ताकि पीड़िता को होश में रखकर वारदात जारी रखी जा सके
- आरोपियों के फ्लूइड, यूरिन और बालों के सैंपल मेडिकल कॉलेज में 30 जून को लिए गए
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी ने पीड़िता की पहचान उजागर की, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

CBI जांच की मांग और कानूनी कार्रवाई
इस गंभीर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सोमवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई। याचिका में मांग की गई कि:
- CBI को प्रारंभिक जांच सौंपी जाए
- पीड़िता को मुआवजा मिले
- कॉलेजों में महिला सुरक्षा के लिए सिविल वॉलंटियर्स की तैनाती हो
- जांच कोर्ट की निगरानी में हो
आरोपी मनोजीत मिश्रा के TMC से कथित संबंधों के चलते भी मामले में राजनीतिक हस्तक्षेप की आशंका जताई गई है।
कॉलेज स्टूडेंट्स का प्रदर्शन और जनाक्रोश
इस वारदात के बाद कॉलेज के स्टूडेंट्स ने गैंगरेप के विरोध में ज़ोरदार प्रदर्शन किया। छात्रों की मांग है कि कॉलेज प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दे और आरोपियों के खिलाफ सख्त सजा सुनिश्चित की जाए।
अब सवाल केवल इंसाफ का नहीं, भरोसे का है
कोलकाता लॉ कॉलेज गैंगरेप केस ने सिर्फ एक छात्रा नहीं, बल्कि हर माता-पिता और छात्र के मन में डर बैठा दिया है। जब शिक्षण संस्थान भी सुरक्षित न रहें, तो सवाल उठता है—क्या हम अपने बच्चों को सुरक्षित भविष्य दे पा रहे हैं?
अब देखना यह है कि जांच निष्पक्ष होती है या नहीं, और क्या पीड़िता को समय रहते न्याय मिल पाता है।
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