Kohli Retirement Shastri On BCCI: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने पिछले महीने 12 मई 2025 को टेस्ट क्रिकेट से अचानक संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया था। इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले कोहली का यह फैसला फैंस, पूर्व खिलाड़ियों और क्रिकेट एक्सपर्ट्स के लिए सरप्राइजिंग था।
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रवि शास्त्री कोहली के संयास से दुखी…
भारत के पूर्व हेड कोच रवि शास्त्री ने इस फैसले को लेकर अपना दुख जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि कोहली जैसे महान खिलाड़ी को टेस्ट क्रिकेट से इस तरह अचानक अलविदा नहीं कहना चाहिए था। शास्त्री ने कहा कि कोहली को एक सम्मानजनक फेयरवेल मिलना चाहिए था।
बातचीत से सुलझ सकता था मामला…
सूत्रो के मुताबिक, एक इंटरव्यू के दौरान शास्त्री ने कहा-
“यह दुखद है कि विराट ने टेस्ट से संन्यास की घोषणा अचानक कर दी। उन्हें इस फॉर्मेट से एक सही फेयरवेल मिलना चाहिए था। यह फैसला बेहतर बातचीत और पारदर्शिता से टाला जा सकता था।”
शास्त्री ने कोहली की टेस्ट में भूमिका को सराहा…
रवि शास्त्री ने विराट कोहली को टेस्ट क्रिकेट का एक सच्चा एंबेसेडर बताया। उन्होंने कहा-
“विराट ने टेस्ट क्रिकेट में जो जज्बा और आक्रामकता लाई, खासतौर पर विदेशी धरती पर, वह अविश्वसनीय था। लॉर्ड्स में उनकी कप्तानी और टीम की मानसिकता ने बहुत कुछ बदल दिया। मुझे गर्व है कि मैं उस दौर का हिस्सा था।”
कोहली को फिर से कप्तान बना सकते थे – शास्त्री
शास्त्री ने यह भी सुझाव दिया कि कोहली को ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद फिर से टेस्ट टीम का कप्तान बनाया जा सकता था। उन्होंने चयन समिति पर सवाल उठाते हुए कहा –
“अगर मैं निर्णय ले रहा होता, तो उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद फिर से टेस्ट टीम की कमान देता। इससे उनका टेस्ट करियर एक बेहतर मुकाम पर समाप्त होता।”
इसके पहले भी विराट के संन्यास पर रवि शास्त्री ने दिया था बयान..
पूर्व भारतीय कोच रवि शास्त्री ने ICC रिव्यू में एक साक्षात्कार के दौरान कोहली के संन्यास के पीछे की असली वजह बताई। उन्होंने कहा—
“कोहली लगातार सुर्खियों में रहते हुए मानसिक रूप से थक चुके थे। आप अपनी टीम के अधिकांश खिलाड़ियों से अधिक फिट हो सकते हैं, लेकिन जब दिमाग थक जाता है तो शरीर को संकेत मिलने लगते हैं। यही उनके रिटायरमेंट की जड़ थी।”
शास्त्री के अनुसार, कोहली ने रिटायरमेंट की घोषणा से एक सप्ताह पहले ही उनसे इस बारे में चर्चा की थी और तब से उनका मन पूरी तरह से स्पष्ट था।

“अगर कोहली ने कुछ ठाना है, तो 100% दिया है”- रवि शास्त्री
रवि शास्त्री ने कोहली के समर्पण की तारीफ करते हुए कहा – “अगर विराट ने कुछ करने की ठान ली, तो उसमें वह अपना शत-प्रतिशत देते हैं। यही चीज उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है, जिसकी बराबरी करना आसान नहीं है। मैदान पर उनका एग्रेशन, उनकी ऊर्जा, और उनकी सहभागिता हमेशा उच्चतम स्तर पर रही।”
‘नेतृत्व में अलग पहचान थी कोहली की’ – रवि शास्त्री
कोहली न सिर्फ एक शानदार बल्लेबाज रहे, बल्कि एक प्रेरणादायक कप्तान भी साबित हुए। शास्त्री के मुताबिक –
“एक खिलाड़ी अपना काम करता है, फिर आराम से बैठ जाते हैं। लेकिन कोहली के साथ ऐसा नहीं है, जब टीम आउट हो जाती है तो ऐसा लगता है जैसे उन्हें सभी विकेट लेने हैं, उन्हें सभी कैच लेने हैं, उन्हें मैदान पर सभी फैसले लेने हैं। इतना ज्यादा पार्टिसिपेशन, मुझे लगता कि अगर वह आराम नहीं करता है तो कहीं वह बर्नआउट होने वाला है।”
यह सक्रिय भागीदारी ही थी जिसने उन्हें ‘लीडर ऑफ द पैक’ बनाया।

कोहली की लोकप्रियता अंतरराष्ट्रीय स्तर पर…
शास्त्री ने कोहली की अंतरराष्ट्रीय अपील पर बात करते हुए कहा –
“विराट कोहली के पास दुनियाभर में सबसे अधिक प्रशंसक हैं। चाहे वह ऑस्ट्रेलिया हो या दक्षिण अफ्रीका, उन्होंने ऐसे दर्शकों को क्रिकेट देखने के लिए प्रेरित किया, जो शायद पहले इसे नहीं देख रहे थे।”
‘कोहली का संन्यास चौंकाने वाला था’ – शास्त्री
शास्त्री ने यह भी स्वीकार किया कि उन्हें कोहली के टेस्ट से रिटायरमेंट की खबर ने चौंका दिया।
“मैं समझता था कि उसमें अभी भी 2-3 साल टेस्ट क्रिकेट बाकी है, लेकिन जब आप मानसिक रूप से थक चुके होते हैं, तो आप चाहकर भी खुद को झोंक नहीं पाते। यह एक बेहद व्यक्तिगत फैसला होता है।”
कोहली-शास्त्री: भारतीय क्रिकेट की सबसे सफल जोड़ी…
कोहली और शास्त्री की जोड़ी ने भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में एक सफल और फेमस जोड़ी रही है।
1. इसी जोड़ी ने 2018 में ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर टेस्ट सीरीज हराया, ऐसा करने वाली पहली एशियाई टीम बनी।
2. 43 महीने तक दुनिया की नंबर-1 टेस्ट टीम बनी रही।
3. वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पहले चक्र के फाइनल तक पहुंची।

123 टेस्ट मैच, 9230 रन और एक विरासत…
कोहली बने भारत के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टेस्ट बल्लेबाज। उन्होंने 123 टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने 46.85 की औसत से 9230 रन बनाए, जिसमें 30 शतक और 31 अर्धशतक शामिल हैं। उनसे आगे केवल सचिन तेंदुलकर (15,291 रन), राहुल द्रविड़ (13,265 रन) और सुनील गावस्कर (10,122 रन) हैं।
आपको बता दें कि, 2022 में दक्षिण अफ्रीका दौरे के बाद उन्होंने टेस्ट कप्तानी छोड़ी थी, जिसके बाद रोहित शर्मा को सभी फॉर्मेट का कप्तान बना दिया गया।
