Stray cattle accidents in Khatima: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खटीमा क्षेत्र में आवारा पशुओं की वजह से हो रही सड़क दुर्घटनाएं अब गंभीर समस्या बन चुकी हैं। हाल ही में चकरपुर इलाके में एक बाइक सवार युवक की आवारा पशु से टकराकर मौत हो गई, जबकि उसके साथी को गंभीर चोटें आईं और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस घटना के बाद से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की जा रही है।

समाजसेवी और संगठनों ने उठाई आवाज
समाजसेवी और भूतपूर्व सैनिक विनोद जोशी ने कहा कि प्रशासन को आवारा पशुओं की समस्या को गंभीरता से लेना चाहिए। उनका कहना है कि आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित आश्रय स्थलों में रखा जाए, ताकि लोगों की जान खतरे में न पड़े।

Stray cattle accidents in Khatima: शिव सेना की चेतावनी
वहीं, शिव सेना के जिला अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने कहा कि शहर और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं से लोग परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से गुहार लगाई कि इन पशुओं को नियंत्रित करने की व्यवस्था की जाए, वरना हिंदूवादी संगठन आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

आवारा पशुओं की बदहाल स्थिति
सड़क पर घूमने वाले कई जानवर दुर्घटनाओं में चोटिल हो जाते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन जानवरों का समय पर इलाज नहीं हो पाता, जिससे उनकी हालत बद से बदतर हो जाती है।
पीड़ित परिवारों को नहीं मिलता मुआवजा
दूसरी ओर, दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों या मृतकों के परिजनों को सरकार से मुआवजा भी नहीं मिलता। इससे पीड़ित परिवारों की आर्थिक और मानसिक परेशानी बढ़ जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार को मुआवजे की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि हादसे का शिकार हुए परिवारों को राहत मिल सके।
प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय संगठनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि
- आवारा पशुओं को तुरंत पकड़कर गोशालाओं या आश्रय स्थलों में भेजा जाए।
- शहर और कस्बों में काउ कंट्रोल टीम बनाई जाए।
- दुर्घटनाओं के शिकार लोगों को सरकारी मुआवजा दिलाया जाए।
- घायल जानवरों के इलाज के लिए पशु चिकित्सा टीम सक्रिय की जाए।

Stray cattle accidents in Khatima: आंदोलन की चेतावनी
लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन ने इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया तो हिंदूवादी संगठन और समाजसेवी संगठन आंदोलन की राह पकड़ेंगे।
अशोक सरकार की रिपोर्ट
