khandwa farmer suicide: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। फसल नुकसान और कर्ज के बोझ से परेशान होकर एक किसान ने आत्महत्या कर ली। यह घटना पंधाना क्षेत्र के ग्राम दीवाल की है, जहां 40 वर्षीय किसान मदन कुमरावत ने मंगलवार शाम खेत पर जाकर कीटनाशक पी लिया। बुधवार सुबह उसका शव कुएं के पास मिला।यह मामला प्रदेश में किसानों की बदहाली की जमीनी तस्वीर को एक बार फिर उजागर करता है, जहां मौसम की मार और सरकारी लापरवाही के बीच एक और परिवार उजड़ गया।
लगातार खराब हो रही थी फसल, उम्मीदें टूट चुकी थीं
अतिवृष्टि के चलते फसल खराब हो गई थी परिजन ने बताया कि फसल नुकसानी का यह पहला साल नहीं है। लगातार चार साल से फसल लगातार खराब हो रही है। इसके चलते कर्जा बढ़ता गया। इस साल उम्मीद थी कि फसल अच्छी होगी। पहले सूखे की मार और फिर अतिवृष्टि के चलते फसल खराब हो गई।मदन कुमरावत के पास एक हेक्टेयर जमीन थी, जिसमें मक्का बोया गया था। पिता और भाइयों की 8 एकड़ जमीन भी उसी के पास थी, जिसमें सोयाबीन लगाया था। परिजन के मुताबिक सोयाबीन के नुकसान का दर्द वह झेल नहीं पाया।
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khandwa farmer suicide: मुआवजे के नाम पर कुछ नहीं मिला
किसान को राहत या मुआवजे के नाम पर कुछ नहीं मिला मदन के परिवार में पत्नी सहित एक बेटा और बेटी है। बच्चों की उम्र भी 18-19 साल है। आर्थिक तंगी के चलते दोनों बच्चों की पढ़ाई छूट गई। कुछ सालों से बेटा अपने मामा के घर रुस्तमपुर में रह रहा था। इसी महीने वह घर आया था। परिवार का कहना है- मदन पर करीब 2 लाख रुपए का कर्ज था। फसल नुकसानी को लेकर क्षेत्र में सर्वे भी हुए, लेकिन मदन को राहत राशि या मुआवजे के नाम पर अब तक एक रुपया भी नहीं मिला है।
khandwa farmer suicide: अधिकारियों का गोलमोल जबाव
तहसीलदार कर रहे हैं राहत राशि का वितरण डिप्टी कलेक्टर दिनेश सावले का कहना है कि फसल नुकसानी को लेकर जिले भर में सर्वे जारी है। पहले हुए सर्वे में 590 किसानों की सूची तैयार हुई थी। ज्यादातर प्रभावित किसान पंधाना और खालवा तहसील क्षेत्र से हैं। किसानों को राहत राशि का वितरण तहसीलदार द्वारा नुकसानी के आधार पर उनके बैंक खातों में किया जा रहा है। कितनी राशि अभी तक बांटी गई है, इसका डेटा नहीं है।
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