इजरायल को हमारे युवाओं की ताकत को समझाना जरूरी
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई ने शनिवार को इजरायल के हमले पर अपना पहला बयान दिया। समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, खामनेई ने कहा कि इजरायल को ईरान और उसके युवाओं की ताकत को समझने की जरूरत है।
खामनेई ने कहा कि इजरायली हमले को न तो बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जाना चाहिए और न ही कम करके आंका जाना चाहिए। यह अधिकारियों को तय करना है कि वे ईरानी लोगों के संदेश को इजरायल तक कैसे पहुंचाते हैं। अधिकारियों को ऐसे कदम उठाने चाहिए जो देश हित में हों।
उधर, ईरानी अधिकारियों ने भी कहा है कि उन्हें इजरायल के हमले का जवाब देने का अधिकार है। हालांकि, ईरानी सेना पहले ही कह चुकी है कि गाजा और लेबनान में संघर्ष विराम किसी भी जवाबी हमले से ज्यादा महत्वपूर्ण है।

ईरान के सर्वोच्च नेता रविवार को इजरायली हमले में मारे गए सुरक्षाकर्मियों के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की।
इजरायल ने ईरान पर हमला करने के लिए 100 से ज्यादा फाइटर जेट्स का इस्तेमाल किया था। हमले में एफ-35 का भी इस्तेमाल किया गया था। इजरायल ने सीरिया में रडार लक्ष्यों पर शुरुआती हमला किया। इसके बाद ईरान में वायु रक्षा प्रणालियों और राडार पर हमला किया गया।
इजरायल ने 25 दिनों के बाद शनिवार तड़के ईरानी हमले का जवाब दिया। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, तीन घंटे में 20 ठिकानों पर हमला किया गया। इनमें मिसाइल फैक्ट्रियां और सैन्य अड्डे शामिल हैं। यह हमला तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास भी हुआ। हमले स्थानीय समयानुसार तड़के 2:15 बजे शुरू हुए और सुबह 5 बजे तक जारी रहे।
