Keratin Treatment for Hair: आज के दौर में खूबसूरत, चमकदार और सीधे बाल ज्यादातर लोगो की पसंद बन चुका हैं। और इसलिए लोग हेयर स्मूदनिंग और केराटिन ट्रीटमेंट जैसे सैलून ट्रीटमेंट्स का सहारा लेते हैं। हालांकि, ये ट्रीटमेंट्स बालों को अस्थायी रूप से खूबसूरत बना सकते हैं, लेकिन इनके कुछ छिपे हुए खतरे भी हैं, आज हम इस आर्टिकल में आपको बालों में स्मूदनिंग और केराटिन कराने से फायदे और नुकसान के बारें में बताएंगे।
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केराटिन ट्रीटमेंट क्या होता है?
यह एक प्राकृतिक प्रोटीन है जो हमारे बालों, त्वचा और नाखूनों में पाया जाता है। लेकिन धूप, प्रदूषण, हीट स्टाइलिंग और रसायनों के इस्तेमाल से बालों में मौजूद प्रोटीन नष्ट होने लगता है। और बाल बेजान, रुखे और उलझे हुए हो जाते हैं। ऐसे में लोग वापस बाल को चमकदार और सुंदर बनाने के लिए केराटिन ट्रीटमेंट कराते है।

इसमें कैराटिन को मिलाकर पेस्ट बनाकर हाई टेम्परेचर वाले फ्लैट आयरन से उसे बालों में सील किया जाता है। इसके बाद बाल चिकने, मुलायम और सीधे नजर आते हैं।
जानिए कैराटिन कराने के फायदे…
चिकने और चमकदार बाल..
केराटिन ट्रीटमेंट से बाल सुलझे और स्मूद दिखने लगते हैं। विशेषकर नमी वाले मौसम में यह खास तौर पर फायदेमंद माना जाता है। इससे बाल चमकते हुए स्ट्रेट काफी अच्छे लगते हैं।
मैनेजेबल हेयर..
घुंघराले या वेवी बाल वालों के लिए यह ट्रीटमेंट खासतौर पर मददगार है क्योंकि यह बालों को कुछ महीनों के लिए सीधा और व्यवस्थित बना देता है। और स्ट्रेट एक दम सीधा कर देते है।
कम स्टाइलिंग टाइम..
ट्रीटमेंट के बाद बाल जल्दी सूखते हैं और स्टाइलिंग में कम समय लगता है। ज्यादा सोचना नहीं पड़ता कि कौन सी हेयर स्टाइल करें, आप आराम से बाल खोलकर जा सकते हैं।

बालों की मजबूती…
केराटिन से बालों को प्रोटीन सपोर्ट मिलता है जिससे वे टूटने से बचते हैं और समय के साथ मजबूत बनते हैं। बालों की जरूरतों के हिसाब से स्टाइलिस्ट ट्रीटमेंट को हल्का या गहरा बना सकता है।
लंबे समय तक असर…
यह ट्रीटमेंट सही देखभाल के साथ 3 से 5 महीने तक टिक सकता है, जिससे बार-बार सैलून जाने की जरूरत नहीं पड़ती। और स्ट्रेटनर का इस्तेमाल भी नहीं करना पड़ता है। बाल डैमेज होने से बच जाता है।
कैरोटीन से होते है, ये नुकसान…
फॉर्मेल्डिहाइड का खतरा…
अधिकतर केराटिन उत्पादों में पाया जाने वाला फॉर्मेल्डिहाइड एक ज्ञात कैंसरजनक रसायन है। ट्रीटमेंट के दौरान निकलने वाले धुएं से आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और त्वचा में एलर्जी हो सकती है।
गर्मी से नुकसान…
इस प्रक्रिया में 450°F तक गर्मी का उपयोग होता है, जो बालों की नमी छीन सकती है और उन्हें कमजोर बना सकती है। और बाल टूटने लगते है।
बालों को कर सकता है, खराब…
कई बार ट्रीटमेंट बालों की प्राकृतिक बनावट को इतना बदल देता है कि पहले जैसा लुक वापस पाना मुश्किल हो जाता है। और संवेदनशील स्कैल्प वाले लोगों को खुजली, जलन या लालिमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, कुछ लोगों के बाल कैरोटिन कराने से सफेद हो रहें है, इसलिए किसी भी ट्रीटमेंट कराने से पहले उसके फायदे नुकसान जान लें
कीमत और मेंटेनेंस खर्च..
केराटिन ट्रीटमेंट की लागत ₹3000 से ₹15,000 तक हो सकती है, जो लोकेशन और बालों की लंबाई पर निर्भर करता है। इसके अलावा, बार-बार टच-अप करवाने से पैसे लगातार खर्च होते रहते हैं।
