जब इंसाफ को ‘म्याऊं’ ने झकझोरा…

Kerala HC Orders on SBI Return: इंसाफ के दरवाजे पर कई बार अनसुनी आहटें दस्तक देती हैं कभी आंसू, कभी सिसकियां… और कभी एक बिल्ली की ‘म्याऊं’, जिसे शायद खुद भी नहीं पता था कि वो किसी अदालत में बहस की वजह बन जाएगी। केरल हाईकोर्ट में एक ऐसा मामला सामने आया जिसने न्याय की परिभाषा को और मानवीय बना दिया। मामला था एक बैंक द्वारा सीज किए गए घर में फंसी एक पालतू बिल्ली का।
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बैंक, लोन और ‘फंसी हुई मासूमियत’
Kerala HC Orders on SBI Return: मुहम्मद निशाद और उनकी पत्नी ने एसबीआई से लोन लिया था। घर को गिरवी रखा, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते समय पर किस्त नहीं चुका पाए। बैंक ने SARFAESI कानून के तहत कार्रवाई करते हुए उनका घर सीज कर लिया। लेकिन इस कार्रवाई में एक चीज छूट गई निशाद की प्यारी पालतू बिल्ली, जो घर में ही बंद रह गई।
और शायद, उसी बिल्ली की आंखों में उम्मीद थी कि कोई दरवाज़ा फिर से खुलेगा…
Kerala HC Orders on SBI Return: कोर्ट में आवाज़ बनी बिल्ली
निशाद की ओर से कोर्ट में दलील दी गई मेरे बच्चे नाबालिग हैं, पढ़ाई का सारा सामान घर में बंद है, और मेरी पालतू बिल्ली भी। कोर्ट ने यह सुनते ही संवेदनशीलता दिखाई। एक अंतरिम आदेश में एसबीआई को निर्देश दिया
बैंक घर की तलाशी ले। यदि बिल्ली मिलती है, तो उसे उसके मालिक को सुरक्षित लौटाया जाए।
ये शब्द सिर्फ कानूनी आदेश नहीं थे, ये एक संवेदना की झलक थे जहाँ न्याय सिर्फ कागज़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि भावनाओं को भी आवाज़ दी गई।
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पालतू जानवर सिर्फ ‘चीज’ नहीं होते
Kerala HC Orders on SBI Return: किसी भी पालतू जानवर को परिवार का हिस्सा माना जाता है। वह दुख में साथी, अकेलेपन में दोस्त और बच्चों के लिए भावनात्मक सहारा होते हैं। केरल हाईकोर्ट का यह आदेश हमें याद दिलाता है कि
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पालतू जानवरों के भी अप्रत्यक्ष अधिकार होते हैं।
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कानून का दिल भी होता है।
Kerala HC Orders on SBI Return: इंसाफ और इंसानियत साथ-साथ
यह पहली बार नहीं है जब केरल हाईकोर्ट ने सामाजिक संवेदनाओं को तवज्जो दी हो। इससे पहले 20 सितंबर 2025 अदालत ने कहा
अगर आप अपनी पहली पत्नी और बच्चों का पालन नहीं कर सकते, तो दो या तीन शादियां क्यों?
यह टिप्पणी उस याचिका पर आई थी जहाँ एक मुस्लिम महिला ने अपने भिखारी पति से गुज़ारा भत्ता मांगा था। इससे ये सिद्ध होता है कि केरल हाईकोर्ट सिर्फ कानून का पहरुआ नहीं, समाज का दर्पण भी है।
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