26 वर्षीय इंजीनियर की आत्महत्या मामला

RSS बोला–आरोप निराधार, जांच हो
केरल सुसाइड केस: केरल के तिरुवनंतपुरम में 26 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की आत्महत्या के मामले में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की दक्षिण केरल यूनिट ने पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है। RSS ने कहा कि सुसाइड नोट में लगाए गए यौन शोषण के आरोप निराधार और संदिग्ध हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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क्या है मामला?
- 9 अक्टूबर को इंजीनियर का शव तिरुवनंतपुरम के थम्पनूर स्थित एक लॉज में फंदे से लटका मिला।
- मृतक कोट्टायम जिले के एलिक्कुलम का रहने वाला था।
- आत्महत्या से पहले उसने इंस्टाग्राम पर 15 पन्नों का सुसाइड नोट पोस्ट किया था।
- नोट में उसने RSS कैंप्स में यौन शोषण का दावा किया और उसे अपनी मानसिक स्थिति का जिम्मेदार ठहराया।
केरल सुसाइड केस: RSS का बयान
हमारे स्वयंसेवक की मौत बेहद दुखद है। उनके परिवार का संघ से वर्षों से संबंध रहा है। सुसाइड नोट में लगे आरोप झूठे और भ्रामक हैं। हम चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो ताकि सच सामने आए और RSS को बदनाम करने की कोशिशों का पर्दाफाश हो। दक्षिण केरल RSS यूनिट का आधिकारिक बयान
संघ ने जिला पुलिस को याचिका सौंपकर स्वतंत्र जांच की अपील की है।
केरल सुसाइड केस: प्रियंका गांधी का सवाल
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले पर ट्वीट किया
“RSS को इस गंभीर आरोप पर तत्काल सफाई देनी चाहिए। देशभर में लाखों बच्चे इन कैंप्स में जाते हैं। लड़कों के साथ भी उतना ही यौन शोषण हो रहा है जितना लड़कियों के साथ। चुप्पी नहीं, जवाब चाहिए।”
केरल सुसाइड केस: पुलिस जांच की स्थिति
पुलिस ने Unnatural Death का केस दर्ज किया है। पोस्टमार्टम और इलेक्ट्रॉनिक डाटा की जांच चल रही है। सुसाइड नोट की असली पुष्टि और उसके तकनीकी विश्लेषण पर काम हो रहा है।
केरल सुसाइड केस: मृतक की पृष्ठभूमि
पीड़ित का परिवार लंबे समय से संघ से जुड़ा था। युवक ने सोशल मीडिया पोस्ट में बचपन से किशोरावस्था तक के अनुभव लिखे थे।उसने लिखा कि वह कई वर्षों से डिप्रेशन में था और अब जीने की इच्छा नहीं रही।
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