KedarnathTemple: केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद करने की तैयारी जोरों परकेदारनाथ धाम में शीतकालीन अवकाश के लिए मंदिर के कपाट बंद करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। आज से भगवान भोलेनाथ की आरती बिना श्रृंगार के होगी, जबकि मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है।

जबकि मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया है
यह परंपरा भक्तों को आध्यात्मिक शांति प्रदान करने का माध्यम बनेगी।पौराणिक महत्व के इस प्राचीन शिव मंदिर के द्वार 23 अक्टूबर को भैया दूज के पावन पर्व पर सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे।
KedarnathTemple: सुबह 8:30 बजे शीतकाल के लिए बंद हो जाएंगे
यह तिथि ज्योतिषीय पंचांग पूजा के बाद निर्धारित की गई है, जो हिंदू परंपराओं के अनुरूप है। कपाट बंद होने के ठीक बाद, उसी दिन बाबा केदार की पंचमुखी उत्सव डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी।
ऊखीमठ के लिए प्रस्थान करेगी
यह यात्रा भक्तों के लिए भावुक क्षण साबित होगी, क्योंकि डोली में विराजमान स्वयंभू शिवलिंग के दर्शन का अवसर मिलेगा।हर वर्ष की भांति, इस वर्ष भी कपाटोत्सव में हजारों श्रद्धालु जुटेंगे। मंदिर समिति ने सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
KedarnathTemple: सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए
भारी बर्फबारी के कारण सर्दियों में ऊंचाई वाले इस धाम तक पहुंच कठिन हो जाती है, इसलिए ऊखीमठ में छह माह तक पूजा-अर्चना जारी रहेगी।
यह आयोजन केदारनाथ की आध्यात्मिक ऊर्जा को जीवंत रखता है, जो चार धाम यात्रा का अभिन्न अंग है। भक्तों से अपील है कि मौसम का ध्यान रखें और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें…
