नीली धुंध से ढकी केदारनाथ घाटी, दिल्ली में 2 दिन बाद फिर 400 के पार हुआ एक्यूआई
दिल्ली का वायु प्रदूषण अब हिमालय की स्वच्छ हवा को भी खराब करने लगा है। उत्तराखंड में नैनीताल और मसूरी जैसे पर्यटन स्थलों की हवा में पीएम 2.5 का स्तर पिछले एक सप्ताह में 130 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया है।
यह फोटो उत्तराखंड के केदारनाथ और चौखंबा पहाड़ियों की है, जहां नवंबर में भी बहुत कम बर्फ देखने को मिलती है। आसपास के पहाड़ों पर पूरी बर्फ नहीं है। प्रदूषण के कारण पूरी घाटी हल्की नीली धुंध से ढकी हुई है।
विशेषज्ञ वैज्ञानिकों के अनुसार इस समस्या का तात्कालिक समाधान बारिश है। बारिश होने पर हवा में प्रदूषण के कण निकल जाते हैं, जिससे हवा की गुणवत्ता में सुधार होता है। हालांकि, मैदानी क्षेत्रों में प्रदूषण को नियंत्रित किए बिना लंबे समय में इस समस्या को हल करना मुश्किल है। फिलहाल अगले कुछ दिनों तक बारिश की उम्मीद नहीं है।

दिल्ली में वायु प्रदूषण दो दिनों के बाद फिर गंभीर श्रेणी में पहुंच गया है। मंगलवार सुबह दिल्ली के 18 इलाकों में एक्यूआई 400 के पार पहुंच गया। आनंद विहार की हवा सबसे ज्यादा जहरीली है। यहां एक्यूआई 436 दर्ज किया गया।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद 18 से 12 नवंबर तक के स्कूलों को ऑनलाइन कर दिया गया था। अब एक सप्ताह बाद स्कूलों को खोलने का निर्णय लिया गया है। 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल अब हाइब्रिड मोड में चल सकेंगे। यानी स्कूलों में फिजिकली और ऑनलाइन दोनों तरह से कक्षाएं चलेंगी।
दिल्ली में प्रदूषण का असर उत्तराखंड तक पहुंच गया है। नैनीताल में एक्यूआई 200 के करीब पहुंच गया है। इसे खराब श्रेणी में माना जाता है। केदारनाथ घाटी में नीली धुंध छाई हुई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह दिल्ली की प्रदूषित हवा का असर है। मौसम विभाग ने पिछले 24 घंटे का प्रदूषण मैप जारी किया है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पटना और पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा हवाएं हैं।
