25 हजार की मांगी रिश्वत
शिकायतकर्ता बीरेन्द्र कुमार, पुत्र स्वर्गीय मैकूलाल, ग्राम धुमाई मुराईन का पुरवा, थाना सैनी, कौशाम्बी के निवासी हैं। उन्होंने 26 मई 2025 को भ्रष्टाचार निवारण संगठन, प्रयागराज में एक प्रार्थना पत्र सौंपा था। इसमें उन्होंने बताया कि उनकी भूमि, जो ग्राम धुमाई के गाटा संख्या 281, 379, 274, 377 और 293 में स्थित है, की पैमाइश के लिए उन्होंने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता 2006 की धारा 24 के तहत ऑनलाइन आवेदन किया था। उपजिलाधिकारी सिराथू ने इस संबंध में आदेश भी पारित कर दिया था। हालांकि, आदेश के अनुपालन के लिए राजस्व निरीक्षक मेवालाल ने 25,000 रुपये की रिश्वत की मांग की। बीरेन्द्र कुमार ने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई और भ्रष्टाचार निवारण संगठन से संपर्क किया।
Kaushambi Revenue Inspector Arrested: आरोपी घर से गिरफ्तार
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक ट्रैप ऑपरेशन की योजना बनाई, और कार्रवाई को अंजाम दिया। जैसे ही मेवालाल ने अपने घर पर शिकायतकर्ता से 25,000 रुपये नकद लिए, संगठन की टीम ने तत्काल दबिश दी और उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। घटनास्थल पर मौजूद साक्षियों के सामने रिश्वत की पूरी रकम बरामद की गई, जिससे आरोपी के खिलाफ सबूत और मजबूत हो गए।
गिरफ्तार राजस्व निरीक्षक मेवालाल, पुत्र शंकरलाल, मूल रूप से ग्राम चकमजरा थाम्भा, थाना मंझनपुर के निवासी हैं और वर्तमान में सिराथू तहसील में कार्यरत थे। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत थाना मंझनपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है। विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है, और मामले की गहन जांच जारी है।
आयमन अहमद की रिपोर्ट
