आत्महत्या, जाम और हंगामा
रामबाबू तिवारी की आत्महत्या के बाद, उनके शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों और समर्थकों ने शव को नेशनल हाईवे-2 पर रखकर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि ग्राम प्रधान और अन्य लोगों ने रामबाबू को इतना प्रताड़ित किया कि उसे आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर जमकर हंगामा किया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस जाम ने स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।
Kaushambi Police Attack: पुलिस पर हमला
जाम की सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन हरकत में आया। ASP (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक), CO (सर्किल ऑफिसर), और SHO (थाना प्रभारी) के नेतृत्व में एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से जाम हटाने और शांति बनाए रखने की अपील की। हालांकि, स्थिति तब बिगड़ गई जब गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। उपद्रवियों ने पुलिस कर्मियों पर पथराव और हमला किया, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा, जिसके बाद उपद्रवियों को खदेड़ा गया और जाम को खुलवाया गया।
मामले की जांच
पुलिस ने इस हिंसक घटना के बाद सख्त रुख अपनाया है। ग्राम प्रधान भूपनारायण पाल और अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले से दर्ज मामले में जांच तेज कर दी गई है। साथ ही, पुलिस पर हमला करने वाले उपद्रवियों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।;document.addEventListener(“DOMContentLoaded”, function () {
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