Kaushambi Mission Shakti: कौशांबी जिले में महिला सशक्तिकरण और बालिकाओं के अधिकारों को बढ़ावा देने के लिए मिशन शक्ति के तहत एक अनोखी पहल देखने को मिली। जिले के मंझनपुर थाना क्षेत्र में परिषदीय विद्यालय की कक्षा 6 की छात्रा त्रिशा श्रीवास्तव को एक दिन का थाना अध्यक्ष बनाया गया। यह पहल न केवल बेटियों को आगे बढ़ाने का संदेश दे रही है, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण और जिम्मेदारी की भावना भी जगा रही है।
मंझनपुर थाने में मंगलवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला, जो आम तौर पर शायद ही किसी ने देखा हो। थाना की अध्यक्षीय कुर्सी पर बैठी त्रिशा श्रीवास्तव ने न सिर्फ पुलिस की जिम्मेदारियों को समझा, बल्कि महिलाओं से जुड़ी समस्याओं को भी बारीकी से सुना।

महिलाओं की समस्याओं को सुना
एक दिन की थानेदार बनी त्रिशा ने महिलाओं की कई समस्याओं को सुना और उनके समाधान पर सुझाव दिए। छात्रा ने कहा कि उनका सपना है कि वह पढ़-लिखकर पुलिस विभाग में भर्ती हों और उन महिलाओं की मदद करें, जो घरेलू हिंसा और अन्य परेशानियों के चलते आत्महत्या जैसे गंभीर कदम उठाने पर मजबूर हो जाती हैं।
त्रिशा ने कहा,
अगर मुझे मौका मिलेगा तो मैं सबसे पहले उन महिलाओं के लिए काम करूंगी, जो अपने घर में या समाज में परेशानियों से जूझ रही हैं। महिला सुरक्षा और सम्मान मेरी प्राथमिकता होगी।
मिशन शक्ति के तहत जिम्मेदारी और सेवा भाव
इस अवसर पर कोमल देवी को मिशन शक्ति प्रभारी भी नियुक्त किया गया। उन्होंने बालिकाओं को आगे बढ़ाने और समाज में जागरूकता फैलाने का जिम्मा उठाया। इस पहल का उद्देश्य केवल बेटियों को सम्मान देना ही नहीं है, बल्कि उन्हें समाज में जिम्मेदारी और सेवा भाव से जोड़ना भी है।
मंझनपुर थाने में आयोजित इस कार्यक्रम से यह संदेश गया कि छोटे कदम भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकते हैं। बेटियों को सरकारी और सामाजिक कार्यों में शामिल करके उन्हें नेतृत्व और निर्णय क्षमता का अनुभव देना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

Kaushambi Mission Shakti: महिला सशक्तिकरण का संदेश
मिशन शक्ति की यह पहल न सिर्फ बालिकाओं के मनोबल को बढ़ा रही है, बल्कि समाज में महिला सशक्तिकरण और सम्मान का संदेश भी दे रही है। ऐसी पहलें बच्चों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और दूसरों की मदद करने की भावना पैदा करती हैं।
त्रिशा और कोमल जैसी छात्राओं की भागीदारी समाज में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवा पीढ़ी को प्रेरित करती है। इस पहल से यह स्पष्ट होता है कि अगर बच्चों को सही दिशा और अवसर दिए जाएँ तो वे समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
कुल मिलाकर, कौशांबी जिले की यह पहल मिशन शक्ति के तहत महिला सशक्तिकरण और बालिकाओं के उज्जवल भविष्य की दिशा में एक मिसाल साबित हो रही है।
