जिन्दा मिली मरी हुई लड़की
18 मार्च 2025 को नौढिया रेलवे लाइन के पास एक अज्ञात महिला का क्षत-विक्षत शव मिला। 20 मार्च को साईं का पूरा गांव निवासी विनोद कुमार ने इसे अपनी बहन अनुराधा पटेल बताकर गिरधरपुर गढ़ी के विष्णु और बिदनपुर के संदीप पर अपहरण और हत्या का आरोप लगाया। पुलिस ने शव को लावारिस मानकर अंतिम संस्कार करवा दिया, लेकिन संदेह के चलते डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा। इस बीच, सर्विलांस टीम को पता चला कि अनुराधा अपने भाई से इंस्टाग्राम पर वीडियो कॉलिंग कर रही थी। पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर शहजादपुर से अनुराधा को सकुशल बरामद कर लिया। बरामदगी के दौरान उसका प्रेमी विष्णु फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

प्रेमी के साथ रह रही थी
पुलिस की तत्परता से अनुराधा को जिंदा बरामद किया गया, जिससे एक निर्दोष के जेल जाने का खतरा टल गया। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि 17 मार्च को अनुराधा का अपहरण हुआ था, और 20 मार्च को एफआईआर दर्ज की गई। अनुराधा ने पूछताछ में बताया कि वह अपने प्रेमी विष्णु के साथ पुणे में थी। उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया, और कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज किया जा रहा है। पुलिस अब विष्णु की तलाश में जुटी है, जो घटना के बाद फरार है। इस बरामदगी ने पुलिस की सर्विलांस और साइबर क्राइम टीम की सक्रियता को रेखांकित किया।

Kaushambi girl found alive: लाश किसकी?
अनुराधा के जिंदा मिलने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि 18 मार्च को मिली लाश आखिर किसकी थी? पुलिस ने उस शव का डीएनए टेस्ट कराया है, जिसकी रिपोर्ट का इंतजार है। इस घटना ने शव की पहचान, परिजनों की शिनाख्त, और पुलिस की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
