
CM का इशारा
इसी बीच CM नीतीश की नजर मंत्री अशोक चौधरी पर पड़ी। वो आयोजन में लेट पहुंचे थे और पीछे बैठ गए। कार्यक्रम के दौरान ही CM नीतीश कुमार पीछे मुड़े और अशोक चौधरी को देखा तो इशारों में श्रद्धांजलि देने को कहा।
मुख्यमंत्री के कहते ही अशोक चौधरी सीट से उठे और कर्पूरी ठाकुर की मूर्ति की ओर तेजी से दौड़ पड़े। वो इतनी जल्दी में थे कि मूर्ति के पास जूता उतारने के दौरान वे अपना संतुलन खो दिया, और वो गिरते-गिरते बचे। श्रद्धांजलि देने के बाद चौधरी वापस अपनी सीट पर आकर बैठ गए।
Karpoori Thakur CM Nitish: ‘कर्पूरी समाज के लिए आदर्श’
इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि, कर्पूरी ठाकुर बिहार की राजनीति और समाज के लिए एक महान आदर्श रहे हैं। उन्होंने अभाव में रहकर भी जनता के बीच अपनी पहचान बनाई और कभी अभाव को भ्रष्टाचार में बदलने नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आज समाज को उनके विचारों से सीख लेने की जरूरत है और केवल अनुयायी बनने से नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने से बदलाव संभव है।
कर्पूरी जी का सपना अधूरा
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी इस कार्यक्रम में नजर आए। इस दौरान तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कर्पूरी ठाकुर का सपना अब तक पूरा नहीं हुआ है। बिहार में गरीबी, पलायन और बेरोजगारी की गंभीर समस्या है, लेकिन राज्य सरकार को इसकी चिंता नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीते 20 सालों से सत्ता में रहे लोग ही कर्पूरी ठाकुर के विचारों का विरोध करते रहे हैं। आज वे कर्पूरी जी के सपनों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं। लेकिन, उनका सपना बिहार का बेटा पूरा करेगा। RJD का हर कार्यकर्ता सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ता रहेगा।
