मांड्या में गणेश विसर्जन जुलूस पर पत्थरबाजी

मंड्या, कर्नाटक: रविवार रात कर्नाटक के मांड्या जिले के मड्डूर शहर में गणेश विसर्जन जुलूस पर पत्थरबाजी की घटना सामने आई। यह घटना राम रहीम नगर के पास स्थित एक मस्जिद के सामने उस समय हुई, जब जुलूस वहां से गुजर रहा था। पत्थरबाजी के बाद दोनों समुदायों के बीच हाथापाई हो गई, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया।
पत्थरबाजी और हिंसा की घटना
घटना के समय पुलिस मौजूद थी, लेकिन फिर भी हिंसा बढ़ गई। जुलूस पर पथराव होते ही दूसरे पक्ष ने भी जवाबी हमला किया। इस पथरबाजी में 8 लोग घायल हुए, जिनका इलाज जिला अस्पताल में जारी है। पुलिस ने 21 लोगों को गिरफ्तार किया और मामले में दो FIR दर्ज की गई हैं।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए इलाके में पेट्रोलिंग की और बीएनएस धारा 163 लागू की। इसके अलावा, सोमवार को प्रो-हिंदू संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया, जिसमें आगजनी भी हुई।
मामले पर प्रतिक्रिया
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि सभी आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं और गणेश प्रतिमा का विसर्जन शांति से संपन्न हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ छोटी घटनाएं हुईं, जैसे कि चाकू मारने की कोशिश और जुलूस के दौरान बच्चों पर थूकने की घटना, लेकिन स्थिति अब नियंत्रण में है।
भा.ज.पा. राज्य अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने कर्नाटक सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि कांग्रेस शासन में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कट्टर असामाजिक तत्व गणेश विसर्जन जुलूसों में पत्थरबाजी कर रहे हैं और राज्य के विभिन्न हिस्सों में तनाव बढ़ा रहे हैं, जिनमें मांड्या, धारवाड़, बागलकोट और हुब्बली शामिल हैं।
पिछले साल भी मांड्या में हुई थी हिंसा
यह पहली बार नहीं है जब मांड्या में हिंसा की घटना सामने आई है। पिछले साल 24 अगस्त 2024 को भी मांड्या में गणेश विसर्जन जुलूस पर पथराव किया गया था। उस समय, नागमंगला में जुलूस पर हमले के दौरान तलवार, रॉड और बोतलें फेंकी गई थीं, और 15 पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। पुलिस ने इस दौरान लाठीचार्ज किया था और स्थिति को काबू किया था।
विरोध प्रदर्शन और कार्रवाई
मंड्या में हिंसा के बाद, प्रो-हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया और कुछ स्थानों पर आगजनी की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए बीएनएस की धारा 163 लागू की।

कर्नाटक में बढ़ता तनाव
कर्नाटक में हो रही ऐसी घटनाएं राज्य में धार्मिक असहमति और हिंसा की बढ़ती घटनाओं की ओर इशारा करती हैं। ऐसे में पुलिस और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि शांति बनाए रखें और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें जो राज्य में तनाव बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।
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