karnataka highcourt : कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा UCC लागू कर महिलाओं को मिले समान अधिकार
karnataka highcourt : कर्नाटक हाईकोर्ट ने शनिवार को अपने ऐतिहासिक फैसले में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। कोर्ट ने कहा कि यह कानून सभी नागरिकों, खासकर महिलाओं को समान अधिकार और अवसर प्रदान करेगा। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वे मिलकर एक ऐसा कानून बनाएं, जो समाज के सभी वर्गों के लिए समान हो। यह बयान एक पारिवारिक संपत्ति विवाद के मामले में आया, जो मुस्लिम महिला शहनाज बेगम की मौत के बाद उनकी संपत्ति के बंटवारे से संबंधित था।
UCC का क्या महत्व है?
यूनिफॉर्म सिविल कोड, जिसे UCC के नाम से जाना जाता है, एक ऐसा कानून है जो सभी नागरिकों के लिए समान व्यक्तिगत कानून सुनिश्चित करता है। इसमें विवाह, तलाक, संपत्ति अधिकार, उत्तराधिकार और अन्य व्यक्तिगत मामलों को समान रूप से नियंत्रित किया जाता है। कर्नाटक हाईकोर्ट का मानना है कि देश में यह कानून लागू होने से महिलाओं को उनके अधिकारों की रक्षा मिलेगी और सामाजिक समानता बढ़ेगी।
कर्नाटक हाईकोर्ट का बयान
जस्टिस हंचाटे संजीव कुमार की सिंगल जज बेंच ने इस टिप्पणी में कहा कि संविधान निर्माता भी यूनिफॉर्म सिविल कोड के पक्ष में थे, और इसके जरिए देश में सभी नागरिकों को समान अधिकार मिलेंगे। कोर्ट ने कहा कि इस कोड के लागू होने से सामाजिक भेदभाव और धार्मिक भेदभाव को समाप्त करने में मदद मिलेगी, और खासकर महिलाओं को पुरुषों के बराबर अधिकार मिलेंगे।
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इस मामले का आधार एक पारिवारिक संपत्ति विवाद था, जिसमें शहनाज बेगम की मौत के बाद उनके पति और परिवार के अन्य सदस्य उनके संपत्ति के अधिकारों को लेकर आपस में विवाद कर रहे थे। कोर्ट ने इस मामले के जरिए मुस्लिम पर्सनल लॉ पर सवाल उठाया और कहा कि यह कानून महिलाओं के साथ भेदभाव करता है।
मुस्लिम पर्सनल लॉ पर सवाल
कर्नाटक हाईकोर्ट ने मुस्लिम पर्सनल लॉ पर भी सवाल उठाया, जो महिला अधिकारों के संदर्भ में भेदभावपूर्ण माना जाता है। कोर्ट ने कहा कि यह कानून महिलाओं को संपत्ति, विवाह और तलाक के मामलों में बराबरी का अधिकार नहीं देता। इसका सीधा असर महिलाओं की स्वतंत्रता और उनके अधिकारों पर पड़ता है। कोर्ट ने इस संदर्भ में UCC को जरूरी बताते हुए कहा कि यह कानून महिलाओं को उनके अधिकारों की पूरी तरह से सुरक्षा देगा।
केंद्र और राज्य सरकारों से अपील
कर्नाटक हाईकोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील की है कि वे मिलकर यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने के लिए कानून बनाएं। कोर्ट ने कहा कि यह देश के नागरिकों के बीच समानता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इसके जरिए एक समान कानून सभी के लिए लागू होगा, जो भारतीय समाज की विविधता और विविधताओं को ध्यान में रखते हुए समान अधिकार और अवसर प्रदान करेगा।
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कर्नाटक हाईकोर्ट का यह बयान UCC की आवश्यकता को रेखांकित करता है, जो भारतीय समाज में महिलाओं और अन्य नागरिकों के लिए समान अधिकारों की रक्षा करेगा। यह कोर्ट का एक महत्वपूर्ण कदम है जो न केवल महिलाओं की स्थिति को सुधारने का काम करेगा, बल्कि समाज में समानता और न्याय सुनिश्चित करने में भी मदद करेगा। केंद्र और राज्य सरकारों को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।
