Karnataka High Court slams Kamal: कर्नाटक हाईकोर्ट ने मशहूर अभिनेता, निर्देशक और नेता कमल हासन को उनकी टिप्पणी के लिए फटकार लगाई, जिसमें उन्होंने कहा था कि “कन्नड़ भाषा तमिल से उत्पन्न हुई है”। कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा – “आपने यह बयान किस आधार पर दिया? क्या आप इतिहासकार या भाषाविद् हैं? आप कमल हासन हों या कोई और, किसी को भावनाएं आहत करने का अधिकार नहीं है।” अब इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होगी।
क्या कहा था कमल हासन ने?
कमल हासन ने 24 मई को चेन्नई में अपनी फिल्म ‘ठग लाइफ’ के प्रमोशनल इवेंट के दौरान कहा था –
“शिव राजकुमार मेरे परिवार जैसे हैं, इसलिए यहां हैं। मैंने अपनी बात जीवन, संबंध और तमिल से शुरू की। आपकी भाषा (कन्नड़) तमिल से निकली है, इसलिए आप भी हमारे ही हिस्से हैं।”

इस बयान को लेकर कर्नाटक में भारी विरोध हुआ। कई कन्नड़ संगठनों ने माफी की मांग की है।
KFCC ने ठग लाइफ की रिलीज पर लगाया बैन…
कर्नाटक फिल्म चैंबर ऑफ कॉमर्स (KFCC) ने कहा है कि जब तक कमल हासन माफी नहीं मांगते, उनकी फिल्म ‘ठग लाइफ’ कर्नाटक में रिलीज नहीं की जाएगी। इसके जवाब में कमल हासन ने KFCC को पत्र लिखते हुए कहा –
“मुझे दुख है कि मेरा बयान गलत तरीके से पेश किया गया। मेरा उद्देश्य किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं था। यह डॉ. राजकुमार और उनके परिवार के प्रति मेरे स्नेह का प्रतीक था।”
‘एक माफी से सुलझ सकता था मामला..’ – हाईकोर्ट
कमल हासन की प्रोडक्शन कंपनी राजकमल फिल्म्स इंटरनेशनल ने फिल्म की रिलीज के लिए सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका दाखिल की। इस पर जस्टिस एम. नागप्रसन्ना ने कहा –
“यह देश भाषा के आधार पर विभाजित हुआ है। जल, जमीन और भाषा नागरिकों की पहचान का हिस्सा हैं। आपके बयान ने अशांति फैलाई है। अगर आप माफी मांग लेते, तो मामला सुलझ जाता।”
‘कोई भाषा किसी दूसरी से पैदा नहीं होती’ – हाईकोर्ट
जस्टिस नागप्रसन्ना ने कहा – “कोई भी भाषा किसी दूसरी भाषा से उत्पन्न नहीं होती। भाषा लोगों की भावनात्मक और सांस्कृतिक पहचान है। 75 साल पहले भी ऐसा ही बयान दिया गया था और तब माफी मांगी गई थी। आप क्यों नहीं मांग सकते?”
दो बार कह चुके हैं – माफी नहीं मांगूंगा
कमल हासन ने दो बार स्पष्ट किया है कि वे माफी नहीं मांगेंगे। 30 मई को चेन्नई में उन्होंने कहा –
“अगर मैं गलत हूं तो माफी मांगूंगा, लेकिन अगर नहीं हूं तो नहीं। भारत एक लोकतांत्रिक देश है, मुझे धमकियों की आदत है।”

28 मई को केरल में उन्होंने कहा था –
“मेरे बयान का उद्देश्य प्रेम था, न कि किसी को ठेस पहुंचाना। इतिहासकारों ने भी यही कहा है कि भाषाएं एक परिवार का हिस्सा हैं। प्यार माफी नहीं मांगेगा।”
भाषा के मुद्दे पर हासन..
कमल हासन पहले भी भाषा के मुद्दे पर मुखर रहे हैं। 21 फरवरी को ट्राई-लैंग्वेज विवाद पर उन्होंने कहा था – “तमिल हमारी सांस्कृतिक पहचान है। लोगों ने इसके लिए अपनी जान दी है। इसके साथ खिलवाड़ न करें।”
